डीएसपी नारायणगढ़ सूरज चावला ने बताया कि पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी की गई। आरोपी अभिषेक बाइक पर सवार होकर भागने की फिराक में था।

बिचपड़ी गांव में दादी, चाचा और भाई की बेरहमी से हत्या करने वाले मुख्य आरोपी अभिषेक को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। नारायणगढ़ पुलिस और आरोपी के बीच हुई इस सीधी मुठभेड़ में आरोपी अभिषेक की एक टांग व एक पैर में गोली लगी है। घायल आरोपी को तुरंत नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां से अंबाला सिटी रेफर कर दिया गया। भारी पुलिस अमले की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी नारायणगढ़ सूरज चावला ने बताया कि पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी की गई। आरोपी अभिषेक बाइक पर सवार होकर भागने की फिराक में था। जब पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो उसने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर सीधे फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई के दौरान गोलियां आरोपी की दोनों टांगों पर जा लगीं। पुलिस ने मौके से आरोपी को दबोच लिया और उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल भी बरामद कर ली है।
जमीनी विवाद में उजाड़ दिया था हंसता-खेलता परिवार
पुलिस जांच के मुताबिक, इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह आपसी जमीनी विवाद था। इसी रंजिश के चलते 23 मई को आरोपी अभिषेक ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपने ही परिवार पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं। इस जानलेवा हमले में अभिषेक के बड़े भाई संदीप, चाचा महिन्दर और बुजुर्ग दादी इसरो देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चाची सुनीता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था।
पुलिस जांच के मुताबिक, इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह आपसी जमीनी विवाद था। इसी रंजिश के चलते 23 मई को आरोपी अभिषेक ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपने ही परिवार पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं। इस जानलेवा हमले में अभिषेक के बड़े भाई संदीप, चाचा महिन्दर और बुजुर्ग दादी इसरो देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चाची सुनीता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था।