जिसके नाम पर बजती थीं सीटियां, आज वही एक्ट्रेस मांग रहीं काम! जानें मीनाक्षी शेषाद्रि के सफर के बारे में

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Meenakshi Seshadri Career: 90 के दशक की पॉपुलर एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्रि ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर काम की मांग की है। लेकिन एक वक्त ऐसा था जब मीनाक्षी शेषाद्रि ने बॉलीवुड में अपनी अदाकारी से खास पहचान बनाई थी। जानिए उनके फिल्मी करियर से जुड़ी खास बातें।

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90 के दशक का एक सिनेमा घर है। लोग शांति से फिल्म देख रहे हैं। तभी एक गाना चलता है- ‘तू मेरा जानू है, तू मेरा दिलबर है, मेरी प्रेम कहानी का तू हीरो है।’ गाना शुरू होते ही थिएटर की सारी शांति जैसे गायब हो जाती है। लोग सीटियां बजाने लगते हैं, कुछ खड़े होकर नाचने लगते हैं, और चारों तरफ सिक्कों की बौछार होने लगती है।

ऐसा इसलिए हो रहा था क्योंकि स्क्रीन पर ऑडियंस की सबसे पसंदीदा और बेहतरीन अदाकारा मीनाक्षी शेषाद्रि नजर आ रही थीं। 90 के दशक में बॉलीवुड की गलियों में एक कहावत बहुत मशहूर थी कि अगर फिल्म को सुपरहिट बनाना हो, तो मीनाक्षी को कास्ट कर लो।

लेकिन आज ऐसा क्या हो गया कि क्लास और कमर्शियल का परफेक्ट कॉम्बिनेशन कही जाने वाली यह अभिनेत्री इंस्टाग्राम पर काम मांगती नजर आईं? आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें।

मीनाक्षी शेषाद्रि की पर्सनल लाइफ
पर्सनल लाइफ की बात करें तो 16 नवंबर 1963 को बिहार के सिंदरी गांव (जो अब झारखंड में है) में एक तमिल ब्राह्मण परिवार में उनका जन्म हुआ। उनका असली नाम शशिकला शेषाद्रि था। उनके पिता एक फर्टिलाइजर कंपनी में काम करते थे और मां होममेकर थीं। जब वह दो साल की थीं, तब उनकी मां ने नोटिस किया कि मीनाक्षी गानों पर अच्छे एक्सप्रेशन देती हैं और डांस भी करती हैं।

इसके बाद उनके पिता ने तय किया कि वे अपनी बेटी को क्लासिकल डांस सिखाएंगे। बचपन से ही उनका झुकाव कला की तरफ था, जो उनके काम में साफ नजर आता है। उन्होंने छोटी उम्र से ही भरतनाट्यम, ओडिसी और कुचिपुड़ी जैसे शास्त्रीय नृत्य सीखे। वह कई इंटरव्यू में कह चुकी हैं कि वह खुद को अभिनेत्री से ज्यादा एक डांसर मानती हैं।

1981 में जीता मिस इंडिया का खिताब
मिस इंडिया बनने का सफर भी उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा। घर आने वाले रिश्तेदार अक्सर कहते थे कि इस लड़की में कुछ खास बात है। यह बात उनके परिवार को भी समझ आने लगी थी।

उनके पिता ने उन्हें ब्यूटी पेजेंट में भेजने का फैसला किया, जो एक साधारण परिवार के लिए आसान नहीं था। साल 1981 में उन्होंने मिस इंडिया का खिताब जीता और उसी साल जापान में हुए मिस इंटरनेशनल में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

सुभाष घई ने दी पहली हिंदी फिल्म 
फिल्मी करियर की शुरुआत मिस इंडिया जीतने के बाद हुई, जब उन्हें कई मॉडलिंग ऑफर मिलने लगे। इसी दौरान निर्देशक सुभाष घई अपनी फिल्म के लिए नई हीरोइन की तलाश में थे और उनकी नजर मीनाक्षी पर पड़ी। उन्होंने उन्हें फिल्म ‘हीरो’ में कास्ट किया।

फिल्म रिलीज होते ही मीनाक्षी रातों-रात स्टार बन गईं। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ उनके साथ थे और उनकी जोड़ी को दर्शकों का खूब प्यार मिला। हालांकि इससे पहले वह ‘पैटर बाबू’ नाम की फिल्म में काम कर चुकी थीं, जो ज्यादा सफल नहीं रही थी। ‘हीरो’ उनकी पहली बड़ी हिट साबित हुई।

इसलिए बदला अपना नाम 
नाम बदलने की कहानी भी दिलचस्प है। इंडस्ट्री में पहले से शशिकला नाम की एक अभिनेत्री थीं, इसलिए कन्फ्यूजन से बचने के लिए उनका नाम बदलकर मीनाक्षी रखा गया।

दिलचस्प बात यह है कि उनके दादाजी पहले से ही उनका नाम मीनाक्षी रखना चाहते थे। उन्होंने मिस इंडिया अपने असली नाम से जीता था, लेकिन बॉलीवुड में पहचान उन्हें मीनाक्षी शेषाद्रि के नाम से मिली।

अनिल कपूर के साथ जमी जोड़ी 
फिल्मी सफर में ‘हीरो’ की सफलता के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने अपने दौर के लगभग सभी बड़े सितारों के साथ काम किया, लेकिन अनिल कपूर के साथ उनकी जोड़ी सबसे ज्यादा पसंद की गई। दोनों ने ‘मेरी जंग’ और ‘घर हो तो ऐसा’ जैसी हिट फिल्में दीं।

मीनाक्षी 80 और 90 के दशक की उन अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं जिन्होंने ग्लैमर, दमदार अभिनय और शास्त्रीय नृत्य- तीनों को बेहतरीन तरीके से संतुलित किया। उनका करियर सिर्फ कमर्शियल हिट्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मजबूत महिला किरदार निभाने के लिए भी उन्हें खास पहचान मिली।

दामिनी फिल्म से बनी खास पहचान
उनके करियर का गोल्डन दौर 1985 से 1990 के बीच रहा, जब उन्होंने ‘मेरी जंग’, ‘स्वाति’, ‘शहंशाह’, ‘घायल’ और ‘घर हो तो ऐसा’ जैसी कई हिट फिल्में दीं। फिल्म ‘दामिनी’ उनके करियर की सबसे दमदार फिल्मों में मानी जाती है, जिसमें उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया जो एक रेप पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए पूरे सिस्टम के खिलाफ खड़ी हो जाती है।

इस फिल्म में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई और यह फिल्म समय के साथ एक कल्ट क्लासिक बन गई। आज भी लोग उन्हें ‘दामिनी’ के नाम से याद करते हैं। 1996 में आई फिल्म ‘घातक’ उनकी आखिरी सुपरहिट फिल्म मानी जाती है।

टॉप एक्ट्रेस होने के बावजूद फिल्मों ने बनाई दूरी
अपने करियर के पीक पर मीनाक्षी ने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया। 1995 में उन्होंने इन्वेस्टमेंट बैंकर हरीश मैसूर से शादी की और अमेरिका शिफ्ट हो गईं। उस समय वह इंडस्ट्री की टॉप अभिनेत्रियों में थीं, लेकिन उन्होंने परिवार को प्राथमिकता दी। यह फैसला उस दौर में काफी चौंकाने वाला था।

शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली। उनके दो बच्चे हैं और अमेरिका में रहकर उन्होंने एक डांस स्कूल भी चलाया, जहां वे भारतीय शास्त्रीय नृत्य सिखाती थीं।

फिर करना चाहती हैं बॉलीवुड में वापसी
अब मीनाक्षी एक बार फिर बॉलीवुड में वापसी करना चाहती हैं। 25 मई को उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने बताया कि वह अपनी कर्मभूमि मुंबई वापस आ चुकी हैं और फिर से काम करना चाहती हैं।

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उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी तरह का रोल मंजूर है- चाहे लीड हो, सपोर्टिंग हो या छोटा सा किरदार- बस रोल अच्छा होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें कई ऑफर मिले, लेकिन वैसा काम नहीं मिला जैसा वह करना चाहती थीं।

 

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Author: ILMA NEWSINDIA

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