28 जून 2024 को नाबालिग लड़की के लापता होने की शिकायत पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को 31 जुलाई 2024 को राज्स्थान से ढूंढ निकाला।

अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग फतेहाबाद की अदालत ने पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी विक्रम उर्फ रॉकी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास व दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कुल जुर्माने से 1 लाख रुपये सरकारी खजाने में और एक लाख रुपये पीड़िता को बतौर मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
इस मामले की प्रभावी पैरवी देवेन्द्र मित्तल, जिला न्यायवादी व नवदीप, सहायक जिला न्यायवादी द्वारा की गई। मामले की जानकारी देते हुए देवेन्द्र मित्तल, जिला न्यायवादी फतेहाबाद ने बताया कि 28 जून 2024 को एक शिकायतकर्ता द्वारा थाना सदर फतेहाबाद में शिकायत दी गई कि उसकी नाबालिग पुत्री घर से लापता हो गई है तथा किसी अज्ञात युवक द्वारा उसे बहला-फुसलाकर ले जाने का संदेह है। शिकायत के आधार पर थाना सदर फतेहाबाद में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने जांच के दौरान 31 जुलाई 2024 को नाबालिग लड़की को राजस्थान से ढूंढ निकाला। जांच में आरोपी विक्रम उर्फ रॉकी की संलिप्तता पाए जाने पर उसे नियमानुसार गिरफ्तार किया गया। अनुसंधान, मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के बयान एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 376 आईपीसी एवं पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। देवेंद्र मित्तल, जिला न्यायवादी फतेहाबाद ने बताया मुकदमे की पूर्ण जांच उपरांत आरोपी के खिलाफ चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद माननीय अदालत द्वारा गवाहों की ठोस गवाही व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को अदालत द्वारा उपरोक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।