भाजपा एक तरफ आप सरकार की नाकामियों से जनता को रूबरू करा रही है, वहीं मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिना कर अपनी पैठ मजबूत कर रही है। साथ साथ भाजपा पंजाब के शहरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपना आधार मजबूत कर रही है। इसके लिए बकायदा रणनीति बना कर काम किया जा रहा है।

2027 की शुरुआत में ही पंजाब में विधानसभा के चुनाव होने हैं। अभी आठ माह का वक्त शेष है, लेकिन पंजाब के राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति अभी से बनाना शुरू कर दिया है। इन दिनों सूबे के 105 नगर निकायों में 26 मई को चुनाव होने हैं। इसे सत्ता का सेमीफाइनल भी माना जा रहा है। इसलिए सभी दलों ने इसमें पूरी ताकत झोंक रखी है। साथ ही विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी जारी हैं।
पश्चिम बंगाल में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी का मिशन पंजाब अब जमीन पर उतरने लगा है। भाजपा ने शहर में अलग अलग जगहों पर बंगाल ने दित्ती भाजपा नू सेवा, हुण पंजाब दी बारी के स्लोगन के साथ बोर्ड लगा कर माहौल बनाना शुरू कर दिया है।
सत्ता का मैच आप और भाजपा के बीच
वहीं, दूसरी तरफ सत्ताधारी आम आदमी पार्टी भी दोबारा सत्ता में वापसी के लिए प्रयासरत है। आप का हाल ही में लुधियाना में मैराथन बैठकों का दौर चला, जिसमें आपसी मनमुटाव दूर करने, संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने, मिशन 2027 फतेह करने को लेकर मंथन हुआ। इस दौरान आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल, पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया और सीएम भगवंत मान समेत आप की पूरी आलाकमान ने मंत्रियों, विधायकों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से फीडबैक ली।
दूसरी तरफ समीकरणों को खंगालने से लग रहा है कि फिलहाल यह राजनीतिक मैच सत्ताधारी आप एवं भाजपा के बीच ही चल रहा है। अकाली दल एवं कांग्रेस अपने ही ताने बाने में उलझे हुए हैं।
सियासी माहौल इस कदर गरमाया हुआ है कि दोनों दल हर मुद्दे पर एक-दूसरे को सीधे निशाने पर ले रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर हमला बोल रहे हैं, जबकि भाजपा भी आम आदमी पार्टी को मुख्य प्रतिद्वंद्वी मानकर घेर रही है।
जीत के लिए रचा अचूक चक्रव्यूह
एक तरफ सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने भी दोबारा सत्ता में आने के लिए आक्रमक रणनीति बना ली है। मौजूदा सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाया जा रहा है। वहीं भाजपा ने भी इस बार रण को जीतने के लिए अचूक चक्रव्यूह रचा है। भाजपा इस बार पंजाब को लेकर काफी साकारात्मक विचार रखती है।
गैर सिंह आबादी को ताकत मानती है भाजपा
पंजाब के ओबीसी, दलित वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पिछले लंबे समय से पंजाब में लगातार सक्रिय है। राजनीतिक हलकों में माना जाता है कि भाजपा गैर सिंह आबादी को अपनी ताकत मानती है।
एनडीए की मोदी सरकार ने सिख समुदाय के बीच पैठ मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। मोदी सरकार की ओर से करतारपुर साहिब कोरिडोर खोलना, वीर बाल दिवस की शुरुआत, 1984 के दंगों के दोषियों को सजा, पीड़ितों को मुआवजा, श्री हरिमंदिर साहिब को विदेशी अंशदान की मंजूरी दिलाना इत्यादि प्रमुख हैं। साथ ही कई प्रख्यात सिख चेहरों को भी पार्टी के साथ जोड़ा गया है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महासचिव एवं लुधियाना हलका उत्तरी से प्रमुख दावेदार अनिल सरीन कहते हैं कि भाजपा इस बार पंजाब को मिशन मोड में लेकर चल रही है। सरीन ने दावा किया कि पंजाब को नशे की दलदल, कर्ज के जंजाल से निकाल कर विकास का रास्ते पर भाजपा ही ले जा सकती है। इसके लिए पार्टी बकायदा रणनीति के साथ काम कर रही है।
