पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.5 डिग्री की कमी दर्ज की गई। फिलहाल यह सामान्य से 1.7 डिग्री ऊपर बना हुआ है। माैसम विभाग के अनुसार पूरा सूबा भीषण लू की चपेट में है और अभी राहत के कोई आसार भी नहीं है।

पंजाब भट्ठी सा तप रहा है। बुधवार को भीषण लू के कारण पंजाब के तापमान में 0.7 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। इससे तापमान सामान्य से 4.6 डिग्री ऊपर हो गया है।
पूरा पंजाब लू की चपेट में
विभाग के मुताबिक वीरवार को पूरा पंजाब ही भीषण लू की चपेट में रहेगा, वहीं शुक्रवार को पंजाब के 11 जिले भीषण लू से प्रभावित रहेंगे। इनमें फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर व पटियाला शामिल हैं। इसके बाद पंजाब के तकरीबन सभी जिले ही भीषण लू की चपेट में रहेंगे। इससे आने वाले दिनों में पंजाब के तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
सबसे कम 23.2 डिग्री का न्यूनतम पारा बठिंडा व फिरोजपुर का दर्ज हुआ। अमृतसर का अधिकतम पारा 43.6 डिग्री, पठानकोट का भी 43.6 डिग्री, फाजिल्का का 42.3 डिग्री, फिरोजपुर का 42.6 डिग्री, एसबीएस नगर का 43.5 डिग्री, होशियारपुर का 42.1 डिग्री और रूपनगर का 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 25.5 डिग्री, लुधियाना का 27.0 डिग्री, पटियाला का 25.6 डिग्री, पठानकोट का 26.4 डिग्री, फाजिल्का का 24.6 डिग्री, होशियारपुर का 23.5 डिग्री दर्ज किया गया।
लू से बचने के लिए एडवाइजरी जारी
तेज धूप से बचने के लिए दोपहर में जितना हो सके, घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। गरमी के दिनों में हमेशा हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और छाते का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि नव जन्मे बच्चों, मोटापे से परेशान लोगों, दिमागी तौर पर बीमार लोगों, दिल की बीमारियों से परेशान लोगों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को हीट स्ट्रोक का ज्यादा खतरा होता है, इसलिए गरमी के दिनों में इनका खास ध्यान रखना चाहिए और बच्चों को सुबह 10 बजे के बाद धूप में न निकालें।
गरमी के असर से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और शरीर का अंदरूनी तापमान बढ़ जाता है। जिससे इंसान थोड़ा सा काम करने पर भी बहुत थका हुआ महसूस करता है। हीटस्ट्रोक से शरीर पर पीलापन, चक्कर आना, बहुत ज्यादा पसीना और थकान, सिरदर्द और उल्टी, स्किन का लाल होना और सूखापन, बेचैनी, चिड़चिड़ापन, हार्ट रेट बढ़ना आदि लक्षण हो सकते हैं। ज्यादा गंभीर मामलों में, कभी-कभी मांसपेशियों में ऐंठन, बेहोशी और कभी-कभी हीट स्ट्रोक का मामला सामने आता है, जो जानलेवा भी हो सकता है। चिलचिलाती धूप में मजदूरी करने वाले लोग कभी-कभी हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाते हैं, इसलिए इन पर खास ध्यान देना चाहिए।

