पंजाब में 26 मई को निकाय चुनाव के लिए मतदान होना है। 29 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।

स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने के फैसले पर पंजाब राज्य चुनाव आयोग बुधवार को हाईकोर्ट में घिरता नजर आया। पंजाब चुनाव आयोग की ओर से पहले कहा गया था कि उन्होंने ईवीएम की मांग की थी लेकिन केंद्रीय चुनाव आयोग ने मशीनें उपलब्ध नहीं करवाईं।
इस पर पंजाब सरकार ने कहा कि 26 मई को चुनाव प्रस्तावित हैं और ईवीएम के इस्तेमाल के लिए कम से कम 17 से 18 दिन पहले तैयारी करनी होती है। ऐसे में अब ईवीएम का इस्तेमाल व्यावहारिक नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई वीरवार तक स्थगित कर दी।
बैलेट बाॅक्स प्रणाली को बताया था अव्यवहारिक
मोहाली निवासी रुचिता गर्ग ने जनहित याचिका दाखिल कर स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर के बजाय ईवीएम से कराने की मांग की है। याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि चुनाव प्रक्रिया को बैलेट पेपर प्रणाली में वापस ले जाना अव्यवहारिक है। याचिकाकर्ता पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पंजाब कानून की धारा 64 में भी स्पष्ट है कि जहां बैलेट बॉक्स या बैलेट पेपर का उल्लेख है वहां ईवीएम को भी शामिल माना जाएगा।
इससे पहले मंगलवार को हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से पूछा था कि जब देशभर में चुनाव ईवीएम से हो रहे हैं तो पंजाब निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की जरूरत क्यों पड़ रही है। तब आयोग ने कहा था कि ईवीएम उपलब्ध नहीं हैं।

