मानव कल्याण, विश्व शांति और आपसी मतभेद मिटाने के उद्देश्य से ग्राम सठिया में सात दिवसीय श्री हरिहरात्मक दिव्य महायज्ञ का भव्य शुभारंभ किया गया। योग-युगांतर से चली आ रही ऋषियों की इस पावन परंपरा के साक्षी बनने के लिए पहले ही दिन भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
मंगलवार को महायज्ञ में विशेष रूप से तैयार किए गए सोलह यज्ञ कुंडों में अलग-अलग यजमानों द्वारा आहुतियां दी जा रही हैं। मुख्य यज्ञ कुंड पर प्रतिष्ठित आचार्यों और ब्राह्मणों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विश्व कल्याण की कामना की जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस प्रकार के महायज्ञ से पर्यावरण की शुद्धि के साथ-साथ पृथ्वी पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।संतों का मिला पावन सानिध्यमहायज्ञ के भव्य शुभारंभ के अवसर पर अनंत विभूषित जगतगुरु स्वामी यदुनानंद सरस्वती जी महाराज और जगतगुरु शंकराचार्य पीठ विकास संचालक कुंज बिहारी जी महाराज का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। संतों ने अपने प्रवचन में यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ ही भारतीय संस्कृति का मूल है, जो मनुष्य के भीतर के द्वेष को समाप्त कर लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। महायज्ञ के उद्घाटन आचार्य पंडित श्री खगेन्द्र शास्त्री, आचार्य श्री दीपक भारद्वाज, यज्ञ आचार्य कृष्णकांत और लक्ष्य भारद्वाज ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान पूर्व प्रधान सुमित चैधरी सहित समस्त ग्रामवासियों ने यज्ञ में पूर्ण सहयोग दिया। इस दौरान व्यवस्थाओं को संभालने में आकाश, सुमित बजरंगी, गांधी बाबा, शांतनु और एडवोकेट सुशपाल सिंह समेत क्षेत्र के गणमान्य लोग सक्रिय रूप से जुटे रहे।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS

