अंबाला सिटी के सेक्टर-10 की निवासी 60 वर्षीय कुलविंदर कौर ने अनुच्छेद 226 और 227 के तहत यह याचिका दायर की है। उनका कहना है कि मतदाताओं को प्रत्याशी की वित्तीय और पारिवारिक पृष्ठभूमि जानने का पूरा अधिकार है, जिसे अक्षिता सैनी ने दबाने का प्रयास किया है।

नगर निगम चुनावों की सरगर्मी के बीच अंबाला सिटी मेयर पद के लिए भाजपा प्रत्याशी अक्षिता सैनी के नामांकन को लेकर बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी कुलविंदर कौर ने अक्षिता सैनी के नामांकन को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अक्षिता के नामांकन को स्वीकार करने के फैसले को रद्द करने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता कुलविंदर कौर का आरोप है कि अक्षिता सैनी ने अपने चुनावी हलफनामे (फॉर्म 1-सी) में वैवाहिक स्थिति और पति से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई है। याचिका के अनुसार, अक्षिता ने हलफनामे के पति वाले कॉलम में जानबूझकर लागू नहीं लिखा है, जबकि उन्होंने अपनी एक नाबालिग बेटी अनन्या सैनी का विवरण दिया है। इस मामले की सुनवाई मतदान के एक दिन बाद 11 मई को हाईकोर्ट में होगी। बता दें कि राज्य चुनाव आयोग ने 13 अप्रैल को चुनाव अधिसूचना जारी की थी। अब हाई कोर्ट के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या भाजपा प्रत्याशी चुनावी मैदान में बनी रहेंगी या उनका नामांकन रद्द होगा।
कोर्ट में उठाए गए यह बिंदु
याचिका में कहा गया है कि कॉलम को लागू नहीं बताकर पति के पैन, आय और संपत्ति का विवरण नहीं दिया गया, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है। कुलविंदर कौर के वकील नरिंदर सिंह बहगल के अनुसार, अक्षिता ने वर्ष 2024 में अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ अंबाला सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जो उनके विवाहित होने का पुख्ता प्रमाण है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने इन गंभीर आपत्तियों को लिपिकीय त्रुटि मानकर खारिज कर दिया, जो पूरी तरह से अवैध और मनमाना है।
याचिका में कहा गया है कि कॉलम को लागू नहीं बताकर पति के पैन, आय और संपत्ति का विवरण नहीं दिया गया, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है। कुलविंदर कौर के वकील नरिंदर सिंह बहगल के अनुसार, अक्षिता ने वर्ष 2024 में अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ अंबाला सिटी थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जो उनके विवाहित होने का पुख्ता प्रमाण है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने इन गंभीर आपत्तियों को लिपिकीय त्रुटि मानकर खारिज कर दिया, जो पूरी तरह से अवैध और मनमाना है।
60 वर्षीय कुलविंदर कौर ने दी चुनौती
अंबाला सिटी के सेक्टर-10 की निवासी 60 वर्षीय कुलविंदर कौर ने अनुच्छेद 226 और 227 के तहत यह याचिका दायर की है। उनका कहना है कि मतदाताओं को प्रत्याशी की वित्तीय और पारिवारिक पृष्ठभूमि जानने का पूरा अधिकार है, जिसे अक्षिता सैनी ने दबाने का प्रयास किया है।




