Varanasi News: वाराणसी जिले में रात 1:40 बजे नाव से सेल्फी लेते समय डीयू का पूर्व छात्र डूब गया। हादसे के बाद उसके साथियों के शोर मचाने पर स्थानीय मल्लाहों ने तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। करीब सात घंटे बाद किसी तरह उसका शव बरामद किया गया।

दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के मानमंदिर घाट पर रील बनाते और सेल्फी लेते समय बुधवार देर रात करीब 1:40 बजे गंगा में गिरने से दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हर्षवर्धन राठौर की डूबकर मौत हो गई। करीब सात घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद एनडीआरएफ और जल पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह उसका शव बरामद किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
युवक अपने दोस्तों के साथ श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में तड़के 3 बजे होने वाली मंगला आरती में शामिल होने जा रहा था। जल पुलिस के मुताबिक, रविवार से नावों का संचालन बंद है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि छह युवक देर रात गंगा में नाव पर कैसे पहुंचे और उन्हें रोकने वाला कोई क्यों नहीं था। यह घटना रात में घाटों पर पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोलती है।
ग्रेटर नोएडा निवासी हर्षवर्धन राठौर अपने पांच दोस्तों कुशाग्र सिंह, दुर्गेश सिंह उर्फ रुद्र, विपुल सिंह, जीत सिंह और ललित कुमार के साथ बुधवार को वाराणसी घूमने आया था। देर रात सभी दोस्त गंगा में नाव विहार कर रहे थे। इसी दौरान हर्षवर्धन मोबाइल से रील और सेल्फी बना रहा था।
सूचना मिलने पर दशाश्वमेध थाना पुलिस और जल पुलिस मौके पर पहुंची और रात में ही तलाश अभियान शुरू कराया। सुबह एनडीआरएफ की टीम भी सर्च ऑपरेशन में लगाई गई। करीब साढ़े सात बजे गंगा से युवक का शव बरामद कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मृतक के पिता संदीप सिंह दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन वाराणसी पहुंच गए। पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए नोएडा ले जाया गया। वहीं, फेसबुक प्रोफाइल के अनुसार वर्ष 2018 में बुलंदशहर में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह उसके रिश्ते में मामा थे। थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
कुछ बड़ी घटनाएं
- वर्ष 2020 में तुलसी घाट के पास शाम के समय सेल्फी लेते दौरान नाव पलट गई थी। नाव में 11 लोग सवार थे। इस हादसे में कम से कम दो युवकों की मौत हुई थी, जबकि अन्य को बचा लिया गया था।
- मई 2022 में प्रभु घाट के सामने गंगा में नाव डूबने से चार लोगों की मौत हुई थी। बताया गया कि नाव बीच धारा में पलट गई थी।
- नवंबर 2022 में 34 श्रद्धालुओं से भरी नाव अहिल्याबाई घाट के पास पलट गई थी। इस घटना में सभी यात्रियों को बचा लिया गया था, हालांकि कुछ लोग घायल हुए थे और एक की हालत गंभीर बताई गई थी।
- जनवरी 2025 में मानमंदिर घाट के सामने श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटने की घटना हुई थी, लेकिन सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई।