बरेली में सेवानिवृत्त दरोगा की पत्नी ने लालची कहा तो मुंहबोले बेटे ने उनकी हत्या कर दी। आरोपी संविदा कर्मी वरुण पाराशरी वरुण ने जुर्म कबूल लिया। आरोपी खुद को पीसीएस अधिकारी के तौर पर नगर निगम का कर निरीक्षक बताता था।

बरेली के सुभाषनगर इलाके में सेवानिवृत्त दरोगा गजराज सिंह की बुजुर्ग पत्नी शारदा यादव की हत्या करने वाले मुंहबोले बेटे नगर निगम टैक्स विभाग के संविदाकर्मी वरुण पाराशरी को कोर्ट ने जेल भेज दिया।
आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने शारदा यादव का भरोसा जीत लिया था, लेकिन वह उसे जायदाद नहीं दे रही थीं। उसने उन्हें बहाने से बुलाया। कार में बातचीत के दौरान जब शारदा ने उसे लालची कहा तो उसने उनकी हत्या कर दी।
सुभाषनगर थाना प्रभारी सतीश कुमार नैन ने बताया कि आरोपी संविदा कर्मी वरुण पाराशरी ने जुर्म कबूल लिया। उसने बताया कि उसकी सेवा से खुश होकर शारदा उसे बेटा मानती थीं और उसके नाम सात बीघा जमीन करने की बात कहती थीं।
दो मई को वरुण ने शारदा को फोन करके मंदिर जाने के बहाने बुलाया। उन्हें लेकर वह कार से मंदिर की ओर बढ़ा। फिर जमीन अपने नाम करने के लिए कहा। शारदा ने उसे लालची कहा और साफ इन्कार कर दिया। कहा कि उनके तीन बेटे हैं, वह किसी और को संपत्ति कैसे दे सकती हैं।
गुस्साए वरुण ने पाने से हमला कर बेहोश कर दिया। इसके बाद शारदा का मुंह व नाक बंद कर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। रातभर कार में शव रखकर वरुण घूमता रहा। तीन मई की सुबह शव पीलीभीत जिले के जहानाबाद इलाके में कुकरी गांव के पास झाड़ियों में फेंक दिया था।
अंगूठे पर लगी थी स्याही
मंगलवार को पोस्टमऍर्टम के दौरान शारदा यादव के परिवार के कई लोगों ने अंदर जाकर टीम से बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें शव के अंगूठे की फोटो चाहिए। उन्हें पक्का पता है कि आरोपी कागजात लेकर पूरी योजना के साथ कार में बैठा था।
उसने मारने से पहले शारदा यादव से अंगूठा लगवा लिया है। टीम के सदस्यों ने जब इस बात पर गौर किया तो बात में दम निकला। शारदा के एक हाथ के अंगूठे पर नीली स्याही लगी थी। टीम ने फोटो करके परिजनों को दे दिया।
वरुण के घर से बरामद की चेन
पुलिस को वरुण ने बताया कि उसने शारदा की हत्या कैंट में स्टेशन के पास सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के बोर्ड के पास कार में की थी। पुलिस ने मंगलवार को फिर वरुण को साथ लेकर उसके घर से घटना के समय पहने कपड़े व मृतका की सोने की चेन बरामद की।
मृतका के कान का एक कुंडल और एक पायल अब भी नहीं मिल सकी है। वरुण को पता चला कि शारदा के नाम करीब 80 बीघा खेती की जमीन और स्कूल है। वरुण ने अपने पिता संजय पाराशरी से भी इस बारे में बात कर जमीन अपने नाम कराने की योजना बनाई थी।
पति बोले- खुद को पीसीएस अधिकारी बताता था वरुण
गजराज सिंह ने बताया कि वह एक स्कूल भी संचालित करते हैं। उसका हाउस टैक्स करीब 70 हजार रुपये आ गया था। इसे कम कराने के लिए वह और पत्नी शारदा प्रयास कर रहे थे। वरुण ने उनकी महानगर निवासी समधिन के घर का टैक्स कम कराने में मदद की थी।
उन्हीं के साथ वह पिछली साल पहली बार उनके घर आया था। वहां उसने खुद को पीसीएस अधिकारी के तौर पर नगर निगम का कर निरीक्षक बताया। कहा कि उसका आईएएस में भी सलेक्शन होने जा रहा है। तभी से वह उनकी पत्नी को मां कहकर संबोधित करने लगा।
आरोपी ने जमीन के लालच में हत्या की बात स्वीकार की है। वृद्धा की चेन भी उसके घर से बरामद की गई है। वरुण का पिता संजय पाराशरी भी योजना में शामिल था, उसकी भी तलाश की जा रही है।