विद्यापीठ इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर राजीव कुमार अग्रवाल के निर्देशन में प्रदेश में लूं प्रकोप से बचाव एवं राहत के लिए हीट -वेव(लूं) प्रबंधन कार्य योजना के अंतर्गत भारत सिंह ने छात्र-छात्राओं को लूं लगने के लक्षण तथा लूं बचने के बारे में जानकारी दी।
मंगलवार को छात्र-छात्राओं को लूं लगने के लक्षणों में बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि त्वचा का गर्म, लाल, शुष्क होना, पसीना न आना वास गति में तेजी, पल्स तेज होना व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मिचली, थकान और कमजोरी होना, चक्कर आना आदि लूं लगने के लक्षण हैं। प्रधानाचार्य ने छात्र-छात्राओं को लूं से बचने उपाय बताते हुए कहा कि लू लगने पर अधिक पानी तथा नींबू पानी पिएं। यथा संभव दोपहर 12 से दोपहर 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें, धूप में निकलते समय अपना सिर ढक कर रखें, तथा धूप में निकलने के पहले तरल पदार्थ का सेवन जरूर करें। उन्होंने बताया कि सूती, ढीले एवं आरामदायक कपड़े पहनें। हल्के रंग के एवं पसीना शोषित करने वाले हल्के वस्त्र पहनें चाहिए। धूप का चश्मा, छाता, सिर पर टोपी और पैरों में चप्पल, जूता आदि का प्रयोग करना चाहिए। यदि खुले में कार्य करते हैं तो सिर, चेहरा, हाथ एवं पैर को गीले कपड़े से ढके रहें। ओआरएस घोल की व्यवस्था घर में रखें। इस दौरान संजय कुमार, भारत सिंह, विनय कुमार, श्रीमती नीरज गुप्ता, अशोक कुमार, महेंद्र प्रकाश सैनी, मुकेश दिवाकर, हनी वशिष्ठ, शिवम कुशवाहा, सतीश कुमार, यश कुशवाहा, जितेंद्र कुशवाहा तथा छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS




