भारतीय किसान यूनियन (हरपाल गुट) ने तहसील पर एक जोरदार प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष राजकुमार कौशिक के नेतृत्व में किया गया। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य किसानों और मजदूरों की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाना था।
यूनियन के पदाधिकारियों ने एसडीएम नीरज शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा, जिसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित किया गया है। ज्ञापन मे किसानों ने कहा है कि बेमौसम बारिश और अन्य कारणों से बर्बाद हुई फसलों (गेहूं आदि) की भरपाई के लिए 5000 रुपये प्रति बीघा मुआवजा दिया जाए। आलू उत्पादकों को लागत मूल्य नहीं मिल पा रहा है, इसलिए सरकार 500 रुपये प्रति कुंतल की दर से राहत राशि प्रदान करे। आलू की सरकारी खरीद 1000 रुपये प्रति कुंतल की दर से की जाए। यूनियन का कहना है कि कागजों में भाव 650 रुपये प्रति कुंतल दिखाया जा रहा है, जो वास्तविकता से दूर है। निजीकरण का विरोध करते हुए स्मार्ट मीटर लगाने पर आपत्ति जताई गई। किसानों की फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर उनकी आय दोगुनी की जाए। पिछले 20 वर्षों से बदहाल पड़ी सड़कों का निर्माण अभियान चलाकर मजबूती से किया जाए। गरीब वर्ग के लिए पेंशन राशि को बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह किया जाए। प्रदर्शन के दौरान यूनियन के जिला अध्यक्ष राजकुमार कौशिक, उमाशंकर कौशिक, और संगठन के कई अन्य पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार से इन समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की है।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS



