पिता देवेंद्र ने राधा रमण को दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने उसे दूसरे माले पर आठ नंबर वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। पिता व भाई साथ में ही रुके हुए थे। सुबह जब पिता की आंख खुली तो बेड से राधारमण को गायब पाकर उन्होंने शोर मचा दिया। काफी देर तक आसपास खोजबीन होती रही।

अलीगढ़ के दीनदयाल संयुक्त अस्पताल में भर्ती टीबी मरीज राधारमण (33) की दूसरे माले से गिरकर मौत हो गई। 3 मई तड़के से गायब मरीज का शव 31 घंटे बाद सोमवार सुबह वार्ड के पिछले हिस्से में नीचे पड़ा मिला। गंभीर रूप से बीमार राधारमण 1 मई से यहां भर्ती था। अब तक की जांच में बेड से उठकर बाहर घूमते समय नीचे गिरने का अंदेशा जताया जा रहा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया है। बाकी जांच की जा रही है।
घटनाक्रम के अनुसार इगलास के गांव पड़ियावली निवासी राधारमण पिछले डेढ़ वर्ष से टीबी का रोगी था। विवाहित राधारमण के कोई संतान न थी। अब उसकी हालत बेहद गंभीर हो चली थी। शरीर में वजन भी 30 किलो रह गया था। एक मई को पिता देवेंद्र ने उसे दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया था। चिकित्सकों ने उसे दूसरे माले पर आठ नंबर वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। पिता व भाई साथ में ही रुके हुए थे।
इधर, 4 मई सुबह करीब 11 बजे उसका शव वार्ड के पिछले हिस्से में नीचे जमीन पर पाया गया। इस खबर पर पुलिस आ गई और ऊपर से गिरने का अंदेशा जताया गया। अंदेशा जताया गया है कि वह टहलने या चोरी छिपे बीड़ी पीने निकला होगा। ऐसे में यही अंदेशा है कि वह टहलते समय किसी तरह नीचे गिर गया है। हालांकि बाद में परिवार ने कोई कार्रवाई या पोस्टमार्टम कराने तक से इंकार किया।
मरीज के खुद गिरने का अंदेशा
इंस्पेक्टर क्वार्सी एसपी सिंह के अनुसार परिवार को समझाकर शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बाकी जांच में गिरने का ही अंदेशा उजागर हुआ है। सीएमएस डा. एमके माथुर के अनुसार भर्ती मरीज अचानक गायब हुआ था। सुबह उसका शव पड़ा मिला। अंदेशा खुद ही गिरने का है। फिर भी सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
मरीज की आत्महत्या का भी मचा शोर
इस तरह मरीज के गायब होने और अगले दिन उसका शव नीचे पड़ा मिलने पर आत्महत्या का भी शोर मचा। लोग तरह-तरह की बातें करते रहे। मगर कहीं से भी इसकी पुष्टि नहीं हुई और न परिवार की ओर से इस तरफ कोई इशारा किया गया। इधर, पोस्टमार्टम में नीचे गिरने पर सिर में गंभीर चोट व पसलियां टूटने और थक्का जमने से मौत होना उजागर हुआ है।