Haryana: पहले शिक्षक बनेंगे मास्टर ट्रेनर, फिर सुधरेगा बच्चों का मिड-डे मील; खाने की गुणवत्ता बढ़ाने की पहल

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हर जिले के हर ब्लॉक से 4-5 टीजीटी शिक्षकों के नाम मंगवा लिया गया है। खास बात यह है कि इसमें गृह विज्ञान (होम साइंस) के अध्यापकों को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि उन्हें खान-पान और पोषण की बेहतर समझ होती है।
Teachers to First Become Master Trainers Children Mid-Day Meals Will Improve

हरियाणा में मिड-डे मील को और बेहतर बनाने के लिए एक खास प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत अब सीधे कुक-कम-हेल्पर को ट्रेनिंग देने के बजाय पहले शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। ये मास्टर ट्रेनर आगे कुक-कम-हेल्पर को पोषण, स्वास्थ्य और साफ-सफाई के बारे में ट्रेनिंग देंगे।

योजना के अनुसार, हर जिले के हर ब्लॉक से 4-5 टीजीटी शिक्षकों के नाम मंगवा लिया गया है। खास बात यह है कि इसमें गृह विज्ञान (होम साइंस) के अध्यापकों को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि उन्हें खान-पान और पोषण की बेहतर समझ होती है। इन शिक्षकों को पहले विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे सही जानकारी और तरीके आगे पहुंचा सकें।

इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्कूलों में बनने वाला खाना ज्यादा पौष्टिक और सुरक्षित होगा। साफ-सफाई के बेहतर नियम अपनाए जाएंगे, जिससे बच्चों की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही, खाना बनाने वालों की स्किल भी बढ़ेगी, जिससे भोजन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य सिर्फ खाना खिलाना नहीं, बल्कि बच्चों को स्वस्थ और मजबूत बनाना है। बेहतर पोषण से बच्चों की पढ़ाई में भी सुधार होगा और उनकी उपस्थिति बढ़ेगी। कुल मिलाकर, यह कदम शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

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Author: priya singh