मामला कपूरथला के जिला परिषद उपाध्यक्ष और सरकारी ट्रांसपोर्ट व लेबर ठेकेदार हरजिंदर सिंह की याचिका से जुड़ा है। याची ने बताया कि उसे कुख्यात जग्गा फुक्किवाल गैंग से जान का खतरा है। एक नवंबर 2025 को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उस पर फायरिंग की थी।

पंजाब में लगातार बढ़ रही सुरक्षा की मांग को गंभीरता से लेते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से संपूर्ण सुरक्षा नीति पर जवाब तलब किया है। अदालत ने कहा कि बार-बार दायर हो रही याचिकाएं इस बात का संकेत हैं कि सुरक्षा प्रदान करने की नीति की व्यापक समीक्षा जरूरी हो गई है।
जस्टिस जगमोहन बंसल ने एडीजीपी सिक्योरिटी को निर्देश दिए कि वह हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करें कि राज्य में सुरक्षा देने के क्या मापदंड हैं। साथ ही यह भी बताया जाए कि राज्य के भीतर और बाहर कितने लोगों को सुरक्षा दी गई है और उनके लिए कितने पुलिसकर्मी तैनात हैं।
मामला कपूरथला के जिला परिषद उपाध्यक्ष और सरकारी ट्रांसपोर्ट व लेबर ठेकेदार हरजिंदर सिंह की याचिका से जुड़ा है। याची ने बताया कि उसे कुख्यात जग्गा फुक्किवाल गैंग से जान का खतरा है। एक नवंबर 2025 को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उस पर फायरिंग की थी। पुलिस ने मौके से छह खाली कारतूस बरामद किए थे और थाना सुल्तानपुर लोधी में मामला दर्ज किया गया था। गैंग के सरगना जगदीप सिंह उर्फ जग्गा फुक्किवाल ने घटना की जिम्मेदारी भी ली थी। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई जबकि कई अब भी फरार हैं।
याची के अनुसार पहले अदालत के निर्देश पर दो एएसआई की सुरक्षा दी गई थी, लेकिन एक महीने बाद एक एएसआई हटा लिया गया। फिलहाल केवल एक एएसआई दिन के समय तैनात है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए 9 फरवरी और 12 मार्च को दिए गए आवेदनों पर भी कार्रवाई नहीं हुई। मामले की गंभीरता देखते हुए हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत याचिका से आगे बढ़कर पूरे राज्य की सुरक्षा नीति की समीक्षा का दायरा तय किया है।

