टिकट विवाद पर कांग्रेस में बवाल: कमल दिवान पहले नाराज फिर मैदान में लौटे; दिनभर चला सियासी घमासान

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बताया जा रहा है, कमल ने बैठक में साफ कह दिया कि वे हारने के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। वे चुनाव तभी लड़ेंगे जब उनकी सहमति से टिकट दिए जाएंगे।
Congress in Sonipat faces political turmoil over mayoral election

नगर निगम चुनाव के टिकट फाइनल होते ही कांग्रेस में खुलकर गुटबाजी सामने आ गई है। एक दिन पहले नामांकन दाखिल करने वाले मेयर प्रत्याशी कमल दिवान ने भितरघात करने वाले डिप्टी मेयर मनजीत गहलावत और वॉर्ड 18 से पार्षद संजय को टिकट देने के विरोध में वीरवार की सुबह चुनाव लड़ने से इन्कार कर दिया। हालांकि, अंबाला में कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र और रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा से मुलाकात के बाद दोनों के टिकट काट दिए गए।

इसके बाद कमल चुनाव लड़ने पर राजी हुए। कांग्रेस का यह हाईवोल्टेज ड्रामा चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक सोनीपत नगर निगम के पिछले साल हुए उपचुनाव में कांग्रेस के कुछ पार्षदों पर भीतरघात के आरोप लगे थे। बुधवार की रात कांग्रेस की तरफ से बुलाई बैठक में उन पार्षदों को टिकट देने पर चर्चा हुई तो कमल दिवान ने विरोध जताया। बैठक में उनकी नहीं सुनी गई तो वे उठकर चले गए थे।

कमल बोले-हारने के लिए नहीं लड़ूंगा चुनाव
बताया जा रहा है, कमल ने बैठक में साफ कह दिया कि वे हारने के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। वे चुनाव तभी लड़ेंगे जब उनकी सहमति से टिकट दिए जाएंगे। कमल के चुनाव न लड़ने की खबर फैलते ही कांग्रेस में भूचाल आ गया। उन्हें मनाने का दौर शुरू हुआ। सांसद दीपेंद्र हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सिंह ने वीरवार को अंबाला बुलाया। वीरवार की शाम अंबाला में मुलाकात के बाद कमल दिवान चुनाव लड़ने पर राजी हो गए। इसके कुछ देर बाद कांग्रेस ने पार्षदों की सूची जारी कर दी। इसमें वार्ड-18 के निवर्तमान पार्षद संजय और वार्ड-19 से पार्षद व डिप्टी मेयर रहे मनजीत गहलावत का टिकट काट दिया गया।

मीडिया से बोले-चुनाव न लड़ने की बात भाजपा ने फैलाई
मीडिया से देर शाम बातचीत में कमल दिवान ने पूरे घटनाक्रम को मैनेज करने का प्रयास किया। बोले- उन्होंने चुनाव न लड़ने जैसी कोई बात नहीं की थी। यह भाजपा वालों की फैलाई अफवाह है। उन्हें पार्टी और वरिष्ठ पदाधिकारियों के निर्णय पर पूरा भरोसा है। पार्टी में किसी तरह की कोई गुटबाजी या विवाद नहीं है।

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Author: priya singh