फिरोजाबाद में अधिकारियों में रार सामने आई है। तबादले के बाद टूंडला तहसीलदार ने उच्चाधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। तहसीलदार ने कहा कि विभागीय जांच रफा-दफा करने के नाम पर 1.75 लाख का आईफोन लिया। साथ ही एक व्यक्ति पर प्राथमिकी दर्ज कराई है।

फिरोजाबाद के टूंडला की तहसीलदार राखी शर्मा ने अपने तबादले के बाद जिले के एक शीर्ष अधिकारी और अधीनस्थ कर्मचारियों के खिलाफ बृहस्पतिवार रात मोर्चा खोल दिया। तहसीलदार ने प्रेसवार्ता कर उक्त शीर्ष अधिकारी पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए। साथ ही देर रात टूंडला के रंजीत गुप्ता पर प्राथमिकी दर्ज कराई।
तहसीलदार के आरोपों के जवाब में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ लामबंद हो गया और तहसीलदार के दावों को झूठा करार देते हुए उनके खिलाफ मंडलायुक्त से कार्रवाई की मांग की। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
बृहस्पतिवार को तहसीलदार राखी शर्मा का स्थानांतरण टूंडला से शिकोहाबाद तहसील में कर दिया गया। तबादले का आदेश मिलते ही राखी शर्मा ने देर रात प्रेसवार्ता कर उच्चाधिकारियों पर हमला बोल दिया। दावा किया कि उनके खिलाफ एक विभागीय जांच को रफा-दफा करने के एवज में 1.75 लाख रुपये का आईफोन रिश्वत के तौर पर लिया गया।
तहसीलदार ने आला अधिकारियों के साथ-साथ उनके करीबियों पर भी मानसिक शोषण का आरोप मढ़ा। तहसीलदार ने जिले में बड़े स्तर पर चल रहे कथित जमीन घोटाले का आरोप लगाया।
कहा, जिले में बाबुओं और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये की सरकारी जमीनों की बंदरबांट की गई है। इसे जनपद का सबसे बड़ा भू-घोटाला बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई।
प्रशासन ने जारी की बेनाम सफाई बयान देने से बच रहे हैं अधिकारी
तहसीलदार राखी शर्मा के आरोपों को जिला प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर निराधार और तबादले से उपजा आक्रोश करार दिया है। हालांकि प्रशासन ने जो सफाई जारी की है, उसमें जारीकर्ता का नाम-पदनाम नहीं है। जिला प्रशासन की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, राखी शर्मा का स्थानांतरण 16 अप्रैल 2026 को प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अन्य तहसीलदारों के साथ किया गया था।
तहसीलदार राखी शर्मा के आरोपों को जिला प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर निराधार और तबादले से उपजा आक्रोश करार दिया है। हालांकि प्रशासन ने जो सफाई जारी की है, उसमें जारीकर्ता का नाम-पदनाम नहीं है। जिला प्रशासन की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, राखी शर्मा का स्थानांतरण 16 अप्रैल 2026 को प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अन्य तहसीलदारों के साथ किया गया था।
प्रशासन का कहना है कि वह लगातार शासकीय कार्यों में लापरवाही बरत रही थीं और राजस्व परिषद के आदेशों की अवहेलना के चलते उन्हें पहले भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद नोटिसों का जवाब नहीं दिया जो कर्मचारी आचरण नियमावली का सीधा उल्लंघन है।
प्रशासन का दावा है कि तहसीलदार अपने विरुद्ध चल रही जांचों को प्रभावित करने के लिए ओएसडी शीलेंद्र शर्मा और अन्य अधीनस्थ कर्मचारियों पर मनगढ़ंत आरोप लगा रही हैं। वहीं, रंजीत के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज न करने का तहसीलदार का आरोप गलत पाया गया, क्योंकि पुलिस द्वारा मामला दर्ज किया जा चुका है।
कर्मचारी संघ ने कमिश्नर को लिखा पत्र
तहसीलदार के इन आरोपों के बीच शुक्रवार को उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने तहसीलदार के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी हताशा बताया। संघ के जिला अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि जेए बाबू राजेंद्र खन्ना और डीएम के ओएसडी शीलेंद्र शर्मा पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। संघ ने इस संबंध में मंडलायुक्त (कमिश्नर) आगरा मंडल को पत्र लिखकर तहसीलदार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
तहसीलदार के इन आरोपों के बीच शुक्रवार को उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने तहसीलदार के दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी हताशा बताया। संघ के जिला अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि जेए बाबू राजेंद्र खन्ना और डीएम के ओएसडी शीलेंद्र शर्मा पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। संघ ने इस संबंध में मंडलायुक्त (कमिश्नर) आगरा मंडल को पत्र लिखकर तहसीलदार के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
रंजीत गुप्ता पर ब्लैकमेलिंग समेत कई आरोप लगाए
प्रशासनिक रार के बीच तहसीलदार राखी शर्मा ने टूंडला के ब्रजविहार कॉलोनी निवासी रंजीत गुप्ता के विरुद्ध ब्लैकमेलिंग, मानहानि और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है।
प्रशासनिक रार के बीच तहसीलदार राखी शर्मा ने टूंडला के ब्रजविहार कॉलोनी निवासी रंजीत गुप्ता के विरुद्ध ब्लैकमेलिंग, मानहानि और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है।
तहसीलदार का आरोप है कि रंजित अवैध कार्यों के लिए उन पर दबाव बना रहा था और असफल होने पर सोशल मीडिया के माध्यम से अधिकारी की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहा था।