लखीमपुर बवाल: 500 से अधिक उपद्रवी, 35-40 पुलिसवाले, रात में पुलिस पर हमला, होता रहा पथराव-तोड़फोड़ और आगजनी

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लखीमपुर खीरी के बांकेगंज इलाके के गांव मोतीपुर में मंगलवार शाम डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा टूटने के बाद जमकर बवाल हुआ। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुलिस पर पथराव किया। खदेड़े जाने पर हिंसक भीड़ ने सीओ गोला रमेश तिवारी को दौड़ा लिया और उनकी व नायब तहसीलदार की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी। उन्हें बीच सड़क पर पलट दिया और दो गाड़ियों में आग भी लगा दी।

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लखीमपुर खीरी के बांकेगंज के मोतीपुर गांव में मंगलवार शाम हुए बवाल के बाद बवालियों ने रात के अंधेरे में पुलिस पर पथराव कर दिया। जब तक पुलिस कुछ समझ पाती, तब तक कई वाहनों में तोड़फोड़ के बाद दो सरकारी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। उग्र प्रदर्शन, आगजनी, पथराव और लाठीचार्ज से दहशत का माहौल बन गया।

बाजारों में दुकानें बंद हो गई और लोग घरों में कैद हो गए। करीब 500 प्रदर्शनकारियों से 35-40 पुलिसकर्मी ही मोर्चा लेते दिखे। यही कारण रहा कि प्रदर्शनकारियों से बचने के लिए पुलिस को भी सुरक्षित जगह तलाशनी पड़ी। मैलानी थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी पथराव में घायल हुए हैं। 

ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 के मोतीपुर गांव के लोग मंगलवार दोपहर डॉ. भीमराम राव आंबेडकर की जयंती पर माल्यार्पण के बाद जुलूस निकाल रहे थे। इस दौरान शाम करीब चार बजे मूर्ति हटाए जाने और क्षतिग्रस्त किए जाने की सूचना से आक्रोश भड़क गया। घटना की जानकारी संसारपुर चौकी पुलिस को मिली। चौकी के छह सात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।

पुलिस को देख महिलाओं ने मूर्ति को लगवाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया और बांकेगंज-कुकरा मार्ग पर बड़ी नहर पुल के बीच धरना शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई और करीब चार घंटे तक मार्ग पर जाम रहा। इससे पहले जब घटना की जानकारी पुलिस के आलाधिकारियों को हुई तो मैलानी और गोला थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया तो लोग और भड़क गए। प्रदर्शन उग्र होने के बाद आगजनी, पथराव और लाठीचार्ज हो गया। बांकेगंज कस्बे के आसपास के लोग दुकानें बंद करके निकल गए।

नायब तहसीलदार और संसारपुर चौकी प्रभारी की गाड़ी में लगा दी आग
कुछ ही देर बाद नायब तहसीलदार की टाटा सूमो गाड़ी और संसारपुर चौकी प्रभारी की बोलरो गाड़ी में आग भी लगा दी गई। पथराव से संसारपुर चौकी इंचार्ज जितेंद्र यादव, एक अन्य दरोगा, मैलानी थाने के इंस्पेक्टर के हमराही सिपाही अरुण कुमार और सूरज समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के अलावा अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा। पीएसी भी बुला ली गई, जिसके बाद देर शाम हालात पर काबू किया जा सका। देर शाम जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल, पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।

सैकड़ों लोग जुटे: प्रधान
ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 के प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र कुमार का कहना है कि जहां आंबेडकर मूर्ति रखी गई थी, उसके बगल में पुलिस एक महिला की भूमि पर दीवार की नीव भरवा रही थी। इस दौरान कुछ ही देर में लगी मूर्ति वहां से हटा दी गई। इससे नाराज बाबा साहब के सैकड़ों अनुयायियों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इससे गुस्साई महिलाएं धरना पर बैठ गई और मूर्ति को पुनः उसी स्थान पर लगाने की मांग करने लगीं।

मोतीपुर की घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरे सामने इस गांव में ऐसा कोई विवाद पूर्व में सामने नहीं आया। फिलहाल पुलिस-प्रशान पूरे मामले की जांच कर रहा है, जो भी दोषी होंगे, या जिसकी लापरवाही इस प्रकरण में सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

खीरी में आंबेडकर प्रतिमा टूटने पर बवाल, तोड़फोड़-आगजनी
लखीमपुर खीरी के बांकेगंज इलाके के गांव मोतीपुर में मंगलवार शाम डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा टूटने के बाद जमकर बवाल हुआ। इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर पुलिस पर पथराव किया। खदेड़े जाने पर हिंसक भीड़ ने सीओ गोला रमेश तिवारी को दौड़ा लिया और उनकी व नायब तहसीलदार की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर दी। उन्हें बीच सड़क पर पलट दिया और दो गाड़ियों में आग भी लगा दी।

एसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने कहा कि एक ही जाति के दो गुटों में प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद था। दोनों गुटों के संघर्ष में ही प्रतिमा क्षतिग्रस्त हो गई। घटना में कुछ पुलिसकर्मी चोटिल भी हुए हैं। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया, जिससे स्थिति और बिगढ़ गई।  भीड़ में शामिल कुछ लोगों के भी चोटें आई हैं।

आंबेडकर जयंती पर मोतीपुर गांव में कई वर्षों से खाली पड़ी बौद्ध विहार की भूमि पर बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित की जानी थी। गांव में भंडारा चल रहा था और ग्राम प्रधान वीरेंद्र गौतम भी मौजूद थे। दोपहर करीब 12 बजे प्रधान के जाने के बाद गांव वालों ने प्रतिमा स्थापित कर दी। इसके बाद गांव के लोग रैली में चले गए और मौके पर केवल महिलाएं मौजूद थीं।

ग्रामीणों का आरोप है कि शाम चार बजे बांकेगंज की रहने वाली चंदा देवी मैलानी थाना पुलिस को लेकर आई। उन्होंने बिना अनुमति प्रतिमा स्थापना का विरोध किया, जिसे देखकर पहले से मौजूद महिलाएं भी विरोध में आ गई। चंदा देवी ने उसी जमीन पर अपना कब्जा बताकर नींव भी भरवाना शुरू दिया। पुलिस ने इसी के साथ प्रतिमा हटवाने का प्रयास किया। इसी बीच दोनों गुटों के बीच संघर्ष शुरू हो गया। इस दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा टूट गई। पांच घंटे तक संघर्ष चला।

प्रतिमा टूटने और लाठीचार्ज से लोगों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने बांकेगंज चौकी प्रभारी संतोष तिवारी और चंदा देवी के खिलाफ नाराजगी जताई। आक्रोशित ग्रामीणों ने इस दौरान चंदा देवी की पिटाई शुरू कर दी। पुलिस ने घेरा बनाकर चंदा देवी को बड़ी मुश्किल से भीड़ से बचाया। भीड़ ने हंगामा करते हुए सीओ गोला रमेश तिवारी और तहसीलदार की गाड़ियों में तोड़फोड़ की। उनकी गाड़ियों को बीच सड़क पलट दिया गया।

दो मामले दर्ज 
पूरे प्रकरण में दो मामले दर्ज किए गए हैं। एक एफआईआर शिकायतकर्ता चंदा देवी और दूसरी पुलिस ने दर्ज कराई है। मामले में कुल 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने प्रतिमा को अपने कब्जे में ले लिया है। एएसपी पश्चिमी अमित राय को जांच सौंपी गई है।

एक ही जाति के दो गुटों में संघर्ष
पथराव और प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों को हल्की फुल्की चोटें आईं हैं। कोई भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई है और न ही किसी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। साथ ही पूरे मामले की जांच एएसपी पश्चिमी अमित राय को सौंपी गई है। सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा

गुरुद्वारे में घुसी पुलिस तो किया पथराव
बवाल के दौरान कई पुलिसकर्मी घटनास्थल के पास ही बांकेगंज-कुकरा रोड स्थित गुरुद्वारे में घुस गए। भीड़ ने वहां भी पथराव किया तो गुरुद्वारे के दरवाजे बंद करके पुलिसकर्मियों को बचाया गया।

दो वाहन नहर में फेंके
बवाल के दौरान दो चौपहिया वाहन घटनास्थल के पास से गुजरती नहर में फेंक दिए गए। बवाल शांत होने पर इन वाहनों को निकालने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन बहाव तेज होने के कारण सफलता नहीं मिली।

 

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Author: ILMA NEWSINDIA

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