भारत रत्न डा. भीमराव आंबेडकर दलितों के मसीहा थे, उन्होंने उन लोगों के लिए अपना पूरा जीवन अर्पित कर दिया जो मजलूम और शोषित थे। बाबा साहब के बताए रास्ते पर चलेंगे तो ही एक शक्तिशाली देश का निर्माण करने में हम अपना सहयोग कर सकते है। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर दुनियां को यह दिखाना है कि हमारा देश भी किसी से कम नहीं।
मंगलवार को यह उद्गार डा. भीमराव आंबेडकर की 135 वीं जयंती के मौके पर शहीद पार्क में बाबा साहब की प्रतिमा को माल्यार्पण के दौरान बाबा साहब के अनुयायियों ने प्रकट किए। उन्होंने बाबा साहब द्वारा रचित संविधान के प्रति कहा कि यदि संविधान नहीं होता तो आज मजलूम को न्याय नहीं मिल पाता। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार प्रकटकर बाबा साहब के जीवन पर प्रकाश डाला। इस बाबा साहब की प्रतिमा को माल्यार्पण के बाद प्रभात फेरी निकाली गई। जो शहीद पार्क से शुरू होकर सेंट्रल बैंक, बच्चा पार्क, पुरानी कोतवाली, जामा मस्जिद, प्रकाश एकाडमी, के एल जैन इंटर कालेज, शिक्षक नगर कालोनी मार्ग, रामवती पेट्रोल पंप, कोतवाली चैराहा नानऊ रोड, होते हुए पारस कालोनी पहुंची जहां प्रभात फेरी का समापन किया गया। इस दौरान उनके अनुयायियों ने मिष्ठान वितरण किया। इस दौरान प्रेम चन्द्र एडवोकेट, उमेश चैधरी, अजीत गौतम, छीतरमल, मुन्नालाल जाटव, दिनेश चंद्र सरदा नगला, सुशील कुमार जाटव, जयप्रकाश, मुहर सिंह, मेघ सिंह एडवोकेट, देव प्रकाश सगर, रामसिंह, विजेन्द्र सिंह, नागेन्द्र सिंह, बाबूलाल कांटे वाले, धर्मेश गौतम, विनोद कुमार, भूप सिंह, जितेन्द्र, राहुल प्रकाश, के एस विधाता, निरंजन सिंह पतरौल, रवि गौतम, फतेह सिंह, विजय सिंह राना, कंचन सिंह, हरचरन लाल, आदि का विशेष सहयोग रहा।
Author: Sunil Kumar
SASNI, HATHRAS

