बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रदर्शनी के दौरान आमजन को दिखाया जाएगा कि कैसे गेहूं निकाला जाता है और उसकी बारीकियों के बारे में विस्तार से विशेषज्ञों की ओर से जानकारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने छह फीट की रंग-बिरंगी पतंग उड़ाकर परंपरागत संस्कृति का निर्वहन करते हुए बैसाखी महोत्सव का शुभारंभ किया। राज्यस्तरीय बैसाखी महोत्सव के दौरान प्रशासनिक अव्यवस्था और कुप्रबंधन की तस्वीर सामने आई। सबसे चिंताजनक स्थिति स्कूली बच्चों की रही, जिन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घंटों तेज धूप में बैठाए रखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चों के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई थी और न ही उन्हें किसी प्रकार का रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराया गया। गर्मी और प्यास के कारण कई बच्चे बिलखते और असहज होते दिखाई दिए।
अध्यापक और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को नजरअंदाज किया गया। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
उपायुक्त ने बताया कि शाम सात बजे प्रसिद्ध कलाकार लखविंद्र वडाली मुख्य मंच पर अपनी प्रस्तुति देंगे, 14 अप्रैल को मुख्य मंच पर शाम सात बजे प्रसिद्ध कलाकार कुलविंद्र बिल्ला की प्रस्तुति होगी। इस सांस्कृतिक संध्या में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समापन समारोह में पहुंचेंगे।
गेहूं निकालने से लेकर लस्सी बनाने तक के होंगे मुकाबले
बैसाखी महोत्सव 2026 में प्रदर्शनी के दौरान आमजन को दिखाया जाएगा कि कैसे गेहूं निकाला जाता है और उसकी बारीकियों के बारे में विस्तार से विशेषज्ञों की ओर से जानकारी दी जाएगी। बैसाखी महोत्सव में लस्सी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में प्रतिभागी विभिन्न तरीकों से लस्सी बनाएंगे। इस लस्सी प्रतियोगिता में वे शुद्ध व्यंजनों का प्रयोग करेंगे। इसके लिए अलग से कमेटी की ड्यूटी लगाई गई है।