पंजाब में लगातार सामने आ रहे बेअदबी के मामलों के चलते लंबे समय से सख्त कानून की मांग उठ रही थी। आम आदमी पार्टी सरकार ने इसे अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया हुआ है।

पंजाब सरकार 13 अप्रैल को विशेष सत्र के दौरान धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी रोकने से संबंधित संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश करेगी। इस पर चर्चा के बाद इसका निर्विरोध पारित होना तय माना जा रहा है।
अब खालसा पंथ के सृजन दिवस 13 अप्रैल को सरकार इस अहम विधेयक को सदन में लाने जा रही है। यह संवेदनशील और पंथक मुद्दा होने के कारण किसी भी राजनीतिक दल द्वारा विरोध की संभावना कम मानी जा रही है। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रश्नकाल भी नहीं होगा। इस संबंध में स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने नोटिस जारी कर दिया है।
सख्त होगा सजा का प्रावधान : मान
सावर्जनिक हो सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट : जाखड़
पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट और विधेयक का मसौदा सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील मामला है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों को विश्वास में लिया जाना जरूरी है।