श्रीबांकेबिहारी मंदिर मार्ग पर शुद्ध घी के नाम पर मिलावटी पेड़ों की बिक्री हो रही है, जिसमें जांच में 20 में से 13 नमूने फेल पाए गए। श्रद्धालुओं की सेहत से खिलवाड़ और मथुरा के पेड़े की साख पर खतरा बढ़ने के बीच सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर मार्ग पर गाय के घी के शुद्ध पेड़ा के नाम पर मिलावटी पेड़े की बिक्री खुलेआम की जा रही है। धर्म नगरी में श्रद्धालुओं को चपत लगाई जा रही है। साथ ही मथुरा के पेड़े की पहचान से खिलवाड़ हो रहा है। कहीं पेड़ा 200 रुपये किलो मिल रहा है तो कहीं 500 सौ रुपये। ज्यादातर दुकानों पर पेड़े मिलावटी हैं। यह बात कई बार खाद्य एवं रसद विभाग की टीम की जांच में सामने आ चुकी है।
हाल में हुई श्रीबांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन हाईपावर्ड कमेटी की बैठक में अध्यक्ष अशोक कुमार ने एफएसडीए के अधिकारियों को इस बात के लिए सचेत भी किया था तो ठाकुर जी के भोग के लिए मिलावटी और जहर बेचा जा रहा है और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। इस पर खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे।