औरैया एमपी-एमएलए कोर्ट ने पांच साल से अधिक समय तक चली सुनवाई के बाद पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत नौ को गैंगस्टर मामले में सजा सुनाई है। 12 गवाहों की गवाही और 53 करोड़ की संपत्ति कुर्की के बाद यह फैसला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

औरैया जिले में गैंगस्टर मामले में मंगलवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। पांच साल आठ माह 13 दिन (2082 दिन) तक चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत नौ को दोषी करार दिया गया। सजा की घोषणा के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों की सांसें थमी रहीं। सजा सुनकर जहां दोषियों का चेहरा उतरा नजर आया। वहीं कोर्ट से बाहर निकलते समय पूर्व एमएलसी के चेहरे पर मुस्कान दिखी। न कोई शिकन दिखी और न कोई मलाल।
अभियोजन पक्ष के अनुसार इस मामले में कुल 12 गवाहों ने कोर्ट में गवाही दर्ज कराई थी। कोर्ट ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा था जिसे मंगलवार को सुनाया गया। कोर्ट के अंदर जब जज ने सजा का ऐलान किया तो पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक और उनके साथी गंभीर दिखे। हालांकि जैसे ही वह पुलिस की सुरक्षा में कोर्ट से बाहर आए तो वहां मौजूद कुछ बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और चेहरे पर हल्की मुस्कान के साथ आगे बढ़े। पूरे घटनाक्रम के दौरान कचहरी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
दोहरे हत्याकांड के बाद जब्त कर ली गई थी 53 करोड़ की संपत्ति
शहर के दोहरे हत्याकांड के बाद जिले में सनसनी फैल गई थी। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया। बाद में दोषी पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के भाई संतोष पाठक की आवास विकास स्थित संपत्ति को कुर्क करते हुए जब्त कर लिया गया था।
फैसले की जानकारी के बाद कोर्ट परिसर पहुंचे समर्थक
पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत 11 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर मामले में मंगलवार को फैसला आना था। इसकी जानकारी के बाद उनके परिजन व समर्थक कोर्ट परिसर पहुंचे। वर्षों बाद वह औरैया जिला जजी आए थे। इससे पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई होती थी।
आगरा सेंट्रल जेल से पहुंचे कमलेश पाठक
दोहरे हत्याकांड के बाद गिरफ्तार आरोपियों को अलग-अलग जेल में शिफ्ट किया गया था। पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक को आगरा स्थित सेंट्रल जेल, भाई संतोष पाठक को फिरोजाबाद, भाई रामू पाठक को उरई जेल में निरुद्ध किया गया। अन्य आरोपियों को इटावा जेल भेजा गया था।
दोषमुक्त गनर कंट्रोल रूम में था तैनात
औरैया के दोहरे हत्याकांड के बाद कोतवाली पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक सहित 11 के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। इसमें पूर्व एमएलसी के गनर को शामिल किया गया था। हालांकि बाद में गनर को जमानत दे दी गई थी। फिलहाल वह कंट्रोल रूम में तैनात है। मंगलवार को मामले में सुनवाई करते के बाद फैसला सुनाया गया, जिसमें गनर को दोषमुक्त कर दिया गया। फैसला आते ही उसके चेहरे पर खुशी देखने को मिली।
टाइम लाइन
- दोहरा हत्याकांड: 15 मार्च 2020
- गैंगस्टर की कार्रवाई: 11 जुलाई 2020
- कोर्ट में दाखिल आरोप पत्र: 29 जून 2021
- कोर्ट ने लिया संज्ञान: 12 अगस्त 2021
- कोर्ट में सुनवाई: 16 नवंबर 2021
- फैसला: 24 मार्च 2026