Israel-Iran War Live Updates: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहा ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब तेरहवें दिन में प्रवेश कर चुका है। होमुर्ज में जहाजों पर हमले जारी है। पूरा क्षेत्र तनाव की चपेट में है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का युद्ध को लेकर सख्त रवैया और खाड़ी देशों में बढ़ता संघर्ष, वैश्विक राजनीति के लिया बड़ा संकट साबित होता दिख रहा है। भारत ने कहा है कि तेजी से बदलती परिस्थितियों पर सरकार की पैनी नजर है।

होर्मुज से भारतीय तेल टैंकरों के लिए रास्ता खोला
सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी समकक्ष अब्दुल्ला अब्बास अराघची के बीच हुई बातचीत के बाद ईरान ने होर्मुज जलसंधि से दो भारतीय तेल टैंकरों (पुष्पक और परिमल) के गुजरने की अनुमति दी है।
कुवैत में ड्रोन हमले में दो घायल
कुवैत की रक्षा मंत्रालय ने बताया कि आज सुबह दक्षिणी इलाके में एक दुश्मन ड्रोन ने आवासीय भवन को निशाना बनाया। मंत्रालय के एक्स पोस्ट के अनुसार, इस हमले में कम से कम दो लोग घायल हुए और उन्हें आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। इसके अलावा हमले से भवन और संपत्ति को भी सामग्रीगत नुकसान हुआ है।
क्या थमने वाला है ईरान और US-इस्राइल का संघर्ष?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए तीन अहम शर्तें रखीं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत में मैंने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए ईरान की प्रतिबद्धता दोबारा पक्की की।
ईरान के राष्ट्रपति का शांति और युद्ध समाप्ति पर दिया बयान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा है कि उन्होंने रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत में क्षेत्र में शांति बनाए रखने की ईरान की प्रतिबद्धता दोबारा जताई है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र तरीका ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता देना, हानियों के लिए मुआवजा देना और भविष्य में किसी भी आक्रमण को रोकने के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी प्राप्त करना है। उनके अनुसार यह युद्ध जायनिस्ट शासन और अमेरिका की शुरूआत का परिणाम है और तभी इसे रोका जा सकता है जब इन शर्तों को स्वीकार किया जाए।
यूएई के पास कंटेनर जहाज पर मिसाइल हमले से लगी आग
यूनाइटेड किंगडम की मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने बताया कि यूएई के जेबल अली से लगभग 35 समुद्री मील उत्तर में एक कंटेनर जहाज पर हमला हुआ। एजेंसी के अनुसार जहाज के कप्तान ने रिपोर्ट दी है कि जहाज को अज्ञात प्रक्षेप्य ने निशाना बनाया, जिससे जहाज पर छोटी आग लगी। अंधेरे के कारण पूरी क्षति का आकलन अभी संभव नहीं है। सभी चालक दल सुरक्षित हैं।
खाड़ी में ईरान के हमलों की निंदा में यूएन सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव पारित
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने खाड़ी देशों और जॉर्डन पर ईरान के हमलों की निंदा करने वाला प्रस्ताव पारित किया और तेहरान से तुरंत शत्रुता रोकने की मांग की। इस प्रस्ताव पर बुधवार को सुरक्षा परिषद के 15 में से 13 सदस्यों ने सहमति जताई। यह प्रस्ताव खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) द्वारा प्रस्तुत किया गया था और 135 अन्य सदस्य राज्यों ने सह-प्रायोजक के रूप में इसका समर्थन किया। जबकि चीन और रूस ने मतदान से बचाव किया, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को रोकने के लिए अपने वीटो अधिकार का प्रयोग नहीं किया।
कुवैत ने दुश्मन ड्रोन को रोकने का दावा किया
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सौद अल-ओतैबी ने बताया कि देश की वायु सुरक्षा बलों ने आज सुबह कई दुश्मन ड्रोन को इंटरसेप्ट किया। अल-ओतैबी ने कहा कि ये ड्रोन आज सुबह के समय कुवैत के उत्तरी क्षेत्र में देश की हवाई सीमा का उल्लंघन कर रहे थे। उन्होंने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सभी ड्रोन को समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया और किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी अफवाह पर ध्यान न देने का आग्रह किया।
इस्राइल के बमबारी हमले में बेरुत में मृतकों की संख्या बढ़ी, 31 घायल
लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस्राइल की ओर से रामलेट अल-बैदा क्षेत्र पर किए गए हवाई हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है, जबकि 31 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी हैं और प्रभावित इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्विट्जरलैंड ने तेहरान में दूतावास अस्थायी रूप से बंद किया
पश्चिम एशिया में हाल के सैन्य संघर्ष और बढ़ते सुरक्षा खतरों को देखते हुए स्विट्जरलैंड सरकार ने तेहरान (ईरान) में अपना दूतावास अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। यह कदम ईरान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के मद्देनजर उठाया गया है, ताकि वहां तैनात कूटनीतिक कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
स्विट्जरलैंड के फेडरल डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेन अफेयर्स (एफडएफए) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तेहरान में जारी मध्य पूर्व युद्ध और सुरक्षा जोखिमों के चलते दूतावास को अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है और वहां मौजूद सभी अधिकारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। दूतावास के प्रमुख राजदूत ओलिवियर बेंजर्टर और पांच अन्य स्टाफ सदस्य 11 मार्च को सड़क मार्ग से ईरान से बाहर आ गए हैं और फिलहाल सुरक्षित स्थान पर हैं। इससे पहले इस माह के शुरुआती दिनों में चार अन्य कर्मचारी भी ईरान छोड़ चुके थे। उन सभी को सुरक्षा के मद्देनजर निकाल लिया गया है।
ईरान से दागी गई मिसाइलों पर इस्राइल की प्रतिक्रिया
इस्राइली सेना ने बताया है कि वह ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के जवाब में कार्रवाई कर रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक पोस्ट में इस्राइली सेना ने कहा कि कुछ समय पहले ईरान से इस्राइल की सीमा की ओर मिसाइलें दागी गई थीं। सेना के अनुसार, इस्राइल की रक्षा प्रणाली इन खतरों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है और मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच इस्राइल के होम फ्रंट कमांड ने नागरिकों को निर्देश दिया है कि वे तुरंत सुरक्षित शेल्टर में चले जाएं और जब तक आधिकारिक तौर पर बाहर निकलने की अनुमति न दी जाए, तब तक वहीं रहें।