कमेटी ने यह भी खुलासा किया गया कि कैदियों के लिए सेहत प्रणाली संतोषजनक नहीं है। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की काफी कमी है और इन रिक्त पदों पर जल्द स्टाफ उपलब्ध करवाया जाए।

पंजाब की जेलों में कैदियों के लिए बासी सब्जियां की आपूर्ति की जा रही है। इस वजह से उन्हें नियमित पौष्टिक और संतुलित खुराक नहीं मिल पा रही है। पहले कैदियों के भोजन के लिए रोजाना ताजी सब्जियों का इंतजाम किया जाता था मगर अब ऐसा नहीं हो रहा है। इसके अलावा सूबे की जेलों में कैदियों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ देने के लिए पर्याप्त मेडिकल स्टाफ भी उपलब्ध नहीं है।
अत्याचार पीड़ित लोगों को मिले मुआवजा
विभाग में एक और विशेष कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट पेश कर यह सिफारिश की है कि अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े जाति के लोगों पर यदि कोई अत्याचार होता है तो साबित होने पर पीड़ित को मुआवजा प्रदान किया जाए। इसके लिए राज्य स्तर पर एससी-एसटी प्राेटेक्शन सेल गठित कर दिया गया है। यह सिफारिश अकाली सरकार में भी की गई थी मगर सिरे नहीं चढ़ी।
पदोन्नति प्रक्रिया में नहीं होगी गड़बड़ी
ऐसी शिकायतें भी सामने आती हैं कि एससी, एसटी व अन्य पिछड़ी जाति के कर्मचारियों को पदोन्नति मामलों में नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसके लिए भी विधानसभा की विशेष कमेटी ने सभी विभागों के रोस्टर रजिस्टरों को डिजिटलाइज करने के लिए राज्य स्तरीय कमेटी का गठन किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को सिफारिश की गई है कि वे जल्द एक रिव्यू बोर्ड का गठित करे, जो कर्मचारियों की पदोन्नति संबंधी एजरात और तरक्की के लिए लागू किए रोस्टर बिंदुओं की दोहरी वेरिफिकेशन करेंगे। यह बोर्ड पदोन्नति प्रक्रिया की जांच करते हुए यह सुनिश्चित करेगा कि संबंधित पदोन्नति सरकार की हिदायतों और नियमानुसार हुई है या नहीं।