Sonipat: गोहाना में नीलगाय को बचाने की कोशिश में पलटी रोडवेज की बस, 30 यात्रियों में मची चीख-पुकार

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हादसे के बाद घायल यात्रियों को इलाज के लिए गोहाना के अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों के अनुसार अधिकतर यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। कुछ यात्रियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य की ओर भेज दिया गया है।
roadways bus overturned while trying to save a Nilgai in Gohana, Sonipat, causing panic among 30 passengers

गांव बनवासा में वीरवार दोपहर बाद हरियाणा रोडवेज की एक बस सड़क किनारे पलट गई। बताया जा रहा कि हादसा अचानक सामने आ गई एक नीलगाय को बचाने की कोशिश में हुआ है। इसके बाद बस में सवार 30 यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हालांकि किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। कुछ को हल्की चोटें आई हैं। इन्हें स्थानीय लोगों ने घायलों को बस से बाहर निकाला। फिलहाल गोहाना के सिविल अस्पताल में उपचाराधीन हैं।

हादसे के बाद घायल यात्रियों को इलाज के लिए गोहाना के अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों के अनुसार अधिकतर यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। कुछ यात्रियों को दूसरी बस में बैठाकर उनके गंतव्य की ओर भेज दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
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Author: PRIYA NEWSINDIA

सबसे ज्यादा पड़ गई

संजय भाटिया ने लोकसभा चुनाव में रचा था इतिहास संजय भाटिया कुरुक्षेत्र विश्वविद्याल ग्रेजुएट हैं। इनका जन्म हरियाणा के पानीपत जिले में हुआ है। वह भाजपा के महामंत्री भी रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी संजय भाटिया ने अपने पहले ही लोकसभा चुनाव में इतिहास रच दिया था। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 6.54 लाख मतों के अंतर से मात दी थी। संजय भाटिया ने प्रदेश के 53 साल के इतिहास में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 909432 वोट मिले थे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 654269 वोटों के अंतर से हराया था। राहुल गांधी ने दिया था कर्मवीर के नाम का सुझाव वहीं कर्मवीर सिंह बौद्ध किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते। यही कारण है कि उन्हें संगठन के भीतर एक संतुलित और सर्व स्वीकार्य चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वे ‘संविधान बचाओ अभियान’ में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और जमीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते रहे हैं। एससी समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध सामाजिक संतुलन के नजरिये से भी एक अहम दावेदार है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने स्वयं उनके नाम का सुझाव दिया है। अंबाला के मुलाना विधानसभा में रहने वाले कर्मवीर सिंह प्रशासकीय अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं और लंबे समय से कांग्रेस से जुड़कर कार्य कर रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें हिमाचल प्रदेश में एससी सेल का प्रभारी भी बनाया था। राष्ट्रीय स्तर पर वह कन्वीनर भी हैं।