अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उनके धर्म के पूजनीय शंकराचार्य के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि दो उपमुख्यमंत्री उनके समर्थन में सामने आए हैं।

समाजवादी पार्टी प्रमुख व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को पंजाब के मोहाली पहुंचे थे। अखिलेश यादव ने राजधानी दिल्ली की बुनियादी समस्याओं और देश के राजनीतिक हालात को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक्यूआई, ट्रैफिक, सीवर और धूल जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, लेकिन उनका समाधान नहीं किया गया।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उनके धर्म के पूजनीय शंकराचार्य के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि दो उपमुख्यमंत्री उनके समर्थन में सामने आए हैं। अगर दो डिप्टी सीएम उनके साथ हैं तो सरकार कैसे चलेगी? लगता है कि सब मिलीभगत से काम कर रहे हैं। लोगों को उलझाए रखना और ‘डिवाइड एंड रूल’ की नीति अपनाना इनका उद्देश्य है।
अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) सिर्फ वोट काटने के लिए लागू किया गया है। इस मुद्दे पर आईएनडीआईए गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और आगे भी एकजुट रहेगा। उत्तर प्रदेश 37 विधानसभा में सिख समाज के अधिकांश लोग रहते हैं। उत्तराखंड के साथ लगे यूपी के बॉर्डर क्षेत्र में सिख कम्युनिटी बसती है। ऐसे में उन सभी को अपने दस्तावेज ढूंढने पड़ेंगे कि वे वहां के स्थायी निवासी हैं या नहीं।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराना है। उत्तर प्रदेश के चुनाव केवल 2027 के नहीं, बल्कि 2029 की लड़ाई की तैयारी भी हैं। हमें उन लोगों से सावधान रहना होगा जो समाज को बांटने की बात करते हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष जनता के मुद्दों को लेकर एकजुट है और भाजपा की नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करेगा।