साइबर थाना पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर 23 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

अंतरराज्यीय साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए साइबर थाना पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर 23 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों करनाल जिले के रहने वाले सोनू, दिनेश, पप्पू और रमेशचंद को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने ठगी गई राशि में से 9,14,256 रुपये बैंक खातों में फ्रीज करवा दिए हैं जबकि 29,500 रुपये नकदी व बैंक के माध्यम से बरामद किए गए हैं। सभी गिरफ्तार आरोपितों को अदालत में पेश किया गया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता सेक्टर-12 निवासी रमेश लाल को 16 सितंबर 2025 को टेलीग्राम पर एक महिला की कॉल आई थी। उसने खुद को लिवरपुल (यूके) निवासी श्रुति बताया था। उसने क्रिप्टो करेंसी में निवेश कर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर व्हाट्सएप लिंक के जरिए एक फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया।
शुरुआत में शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये निवेश कराए गए। उस पर लाभ दिखाकर विश्वास में लिया गया। इसके बाद 25 अक्टूबर से 19 नवंबर 2025 के बीच आरटीजीएस, एनईएफटी और यूपीआई के माध्यम से कुल 23 लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा करवा लिए गए।
फर्जी वेबसाइट पर शिकायतकर्ता को 2.33 करोड़ रुपये का लाभ दिखाया गया। राशि निकालने के लिए 19.85 लाख रुपये टैक्स के रूप में जमा कराने के लिए कहा गया। टैक्स न देने पर खाता फ्रीज करने की धमकी दी गई। इसके बाद शिकायतकर्ता को ठगी का अहसास हुआ। उसने साइबर थाना सोनीपत में शिकायत दर्ज कराई।
थाना साइबर सोनीपत के निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी जांच, बैंकिंग ट्रांजेक्शन आदि की जांच करते हुए चारों आरोपियों तक पहुंची और उन्हें करनाल से गिरफ्तार कर लिया है।