मथुरा में एक युवक ने अपनी भाभी को मार डाला। युवक भाभी की बहन से शादी करना चाहता था। लेकिन युवती ने शादी से इनकार कर दिया था। युवक को लगा कि भाभी की वजह से शादी नहीं हो पाई। वहीं, विवाहिता की हत्या के बाद युवक की मां ने पानी से सबूत धो डाले।

मथुरा के थाना नौहझील क्षेत्र के अंतर्गत गांव बाघई कटैलिया में रविवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक युवक ने अपनी ही भाभी की बेरहमी से हत्या करने के बाद खुदकुशी का प्रयास किया। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया। पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह करीब 8:30 बजे ज्वाला प्रसाद के 23 वर्षीय पुत्र दीपक का अपनी 20 वर्षीय भाभी करिश्मा (पत्नी प्रमोद) से किसी बात को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि दीपक ने धारदार हथियार से करिश्मा का गला काट दिया। इसके तुरंत बाद उसने उसी हथियार से अपना भी गला रेत लिया। लहूलुहान हालत में दोनों को जमीन पर पड़ा देख परिजनों के होश उड़ गए।
परिजनों ने आनन-फानन स्थानीय पुलिस को सूचना दी और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौहझील ले गए। वहां डॉक्टरों ने करिश्मा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दीपक की हालत गंभीर होने पर उसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर कर दिया है। दीपक की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
बेटे की करतूत पर पर्दा डालने के लिए धो डाले साक्ष्य
मथुरा के नौहझील के गांव बाघई कटैलिया में पुत्रवधू की हत्या की वारदात के बाद अपने बेटे को बचाने के लिए मां ने अन्य परिजन के साथ मिलकर साक्ष्य मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। घर में फैले खून को साफ करके घर को धो डाला।
खून से सने गद्दों को भी धोकर छत पर सूखने के लिए डाल दिया। इतना ही नहीं पुलिस को डकैती डालने की जानकारी दे दी। पुलिस ने कड़ाई की तो सच्चाई उगल दी। फोरेंसिक टीम ने बमुश्किल साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने बताया कि मृतका की सास ने अन्य परिजन के साथ मिलकर पुलिस के पहुंचने से पहले ही घर के आंगन और कमरे में बिखरे खून को साफ करके पानी से धो दिया। इसके बाद आनन-फानन खून से सने गद्दों को धोने के बाद छत पर सुखा दिया गया। खून से सने कपड़ों को एक बोरे में भरकर घर के घेर (पशु बाड़ा) में छुपा दिया।
पुलिस के पहुंचने पर मां ने यह कहकर गुमराह किया कि चार बदमाशों ने पुत्रवधू और बेटे पर हमला करके घायल कर दिया। चीखपुकार होने पर बदमाश भाग निकले। पुलिस ने पूछा तो खून से सने गद्दे और कपड़े गांव के बाहर के तालाब में फेंकने की जानकारी दी।
इस पर पुलिस की एक टीम ने घंटों तालाब में खोजबीन की, लेकिन जब वहां कुछ नहीं मिला, तो पुलिस का शक गहरा गया। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो परिजनों ने सच उगल दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि पकड़े जाने के डर से उन्होंने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी।
उनकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ब्लेड चल्हे चूल्हे की राख से निकाला गया, धुले हुए खून के धब्बे वाले गद्दे, बोरे में भरे खून से सने कपड़े, टूटा हुआ मंगलसूत्र व अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य फोरेंसिक टीम ने जुटाए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजन ने सनसनीखेज वारदात के सुबूतों को नष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।