वाराणसी और पूर्वांचल के 200 युवा समलैंगिकता से एड्स रोगी बन गए। पीड़ितों में इंजीनियर और कई प्रोफेशनल शामिल हैं। इसकी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी को भेजी गई है।
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वाराणसी और पूर्वांचल के 200 युवा समलैंगिकता यानी मेल यौन संबंध टू मेल (एमएसएम) की लत में पड़कर एड्स की चपेट में आ गए। सब बीएचयू सहित अन्य सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज (एसटीडी) और आईसीटीसी क्लीनिक में इलाज करा रहे हैं।
इनमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर सहित कई प्रोफेशनल शामिल हैं। इंटरमीडिएट, स्नातक, परास्नातक के छात्र भी संक्रमित हैं। डॉक्टरों के अनुसार, पिछले तीन साल (2022, 2023 और 2024) में जहां एमएसएम के 36 मामले सामने आते थे, वहीं 2025 में ही 200 युवा इसकी चपेट में आए हैं।
इसकी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी को भेजी गई है। जिले में बीएचयू की स्किन ओपीडी कक्ष के बगल में एसटीडी क्लीनिक चलती है। साथ ही मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में भी क्लीनिक है।
बीमारियों से ग्रसित लोगों की काउंसलिंग के साथ ही उपचार भी
यहां जननांग संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों की काउंसलिंग के साथ ही उनका उपचार किया जाता है। इन दिनों सिफलिस का संक्रमण युवाओं में जिस तरह से बढ़ रहा है उसे लेकर डॉक्टर भी चिंतित हैं। इलाज कराने वाले युवाओं की उम्र 18 से 40 साल के बीच है।
यहां जननांग संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोगों की काउंसलिंग के साथ ही उनका उपचार किया जाता है। इन दिनों सिफलिस का संक्रमण युवाओं में जिस तरह से बढ़ रहा है उसे लेकर डॉक्टर भी चिंतित हैं। इलाज कराने वाले युवाओं की उम्र 18 से 40 साल के बीच है।
कुछ बीएचयू कैंपस के बाहर किराये पर मकान लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। सिगरा, पांडेयपुर, भोजूवीर और गिलट बजार क्षेत्र में रहकर पढ़ाई करने वाले कई युवा इलाज करा रहे हैं।
डेटिंग एप के जरिये एमएसएम का गलत रास्ता पकड़ा
इलाज कराने आने वाले युवाओं से पूछताछ के आधार पर स्वास्थ्य महकमे जो रिपोर्ट तैयार की है उसके मुताबिक, युवाओं ने डेटिंग एप के जरिये एमएसएम का गलत रास्ता पकड़ा है। काउंसिलिंग के दौरान युवाओं के मोबाइल फोन से डेटिंग एप हटवाए गए हैं।
इलाज कराने आने वाले युवाओं से पूछताछ के आधार पर स्वास्थ्य महकमे जो रिपोर्ट तैयार की है उसके मुताबिक, युवाओं ने डेटिंग एप के जरिये एमएसएम का गलत रास्ता पकड़ा है। काउंसिलिंग के दौरान युवाओं के मोबाइल फोन से डेटिंग एप हटवाए गए हैं।
केस-1
फरवरी में 30 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर एसटीडी क्लीनिक पर इलाज कराने गया। जांच के बाद पता चला कि उसे सिफलिस का संक्रमण हो रहा है। पहले तो वह क्लीनिक पर बताने में हिचक रहा था, बाद में उसने एमएसएम की बात स्वीकारी। इसके बाद डॉक्टर ने जरूरी जांच के साथ ही इलाज शुरू किया।
फरवरी में 30 साल का सॉफ्टवेयर इंजीनियर एसटीडी क्लीनिक पर इलाज कराने गया। जांच के बाद पता चला कि उसे सिफलिस का संक्रमण हो रहा है। पहले तो वह क्लीनिक पर बताने में हिचक रहा था, बाद में उसने एमएसएम की बात स्वीकारी। इसके बाद डॉक्टर ने जरूरी जांच के साथ ही इलाज शुरू किया।
केस-2
दिसंबर के तीसरे सप्ताह में पांडेयपुर के 19 साल के युवक को गुदा द्वार में दर्द की शिकायत हुई। वह बीएचयू के क्लीनिक पर पहुंचा। जांच में पता चला कि उसे सिफलिस का संक्रमण हो रहा है। पूछताछ में पता चला कि उसने किसी पुरुष से संबंध बनाया था। अब उसकी काउंसिलिंग के साथ ही जांच, इलाज शुरू किया गया है।
दिसंबर के तीसरे सप्ताह में पांडेयपुर के 19 साल के युवक को गुदा द्वार में दर्द की शिकायत हुई। वह बीएचयू के क्लीनिक पर पहुंचा। जांच में पता चला कि उसे सिफलिस का संक्रमण हो रहा है। पूछताछ में पता चला कि उसने किसी पुरुष से संबंध बनाया था। अब उसकी काउंसिलिंग के साथ ही जांच, इलाज शुरू किया गया है।
एमएसएम के मामलों में पिछले एक साल में बढ़ोतरी हुई है। बीएचयू के एसटीडी क्लीनिक में एमएसएम से होने वाली समस्या लेकर युवा आ रहे हैं। सभी की काउंसिलिंग के साथ ही बेहतर जांच, इलाज भी किया जा रहा है। – प्रो. सत्येंद्र कुमार सिंह, स्किन डिपार्टमेंट, बीएचयू
जननांगों से जुड़ी समस्या (एमएसएम भी शामिल) लेकर आने वाले युवाओं की काउंसिलिंग की जा रही है। बहुत से लोग सूजन, दाने की दिक्कत बता रहे हैं। सेंटर के माध्यम से जरूरी दवाइयां देने के साथ ही निशुल्क इलाज भी किया जाता है। सभी की पहचान गुप्त रखी जाती है। – डॉ. पीयूष राय, जिला क्षय रोग अधिकारी
क्या होता है सिफलिस
सिफलिस एक गंभीर यौन संचारित संक्रमण है। पुरुष के पुरुष से संबंध बनाने वालों में इसका संक्रमण होने की संभावना अधिक होती है। डाक्टरों के अनुसार सिफलिस एक बैक्टीरियल संक्रमण है। समय से इसकी जानकारी मिलने पर बेहतर इलाज कराया जा सकता है।
सिफलिस एक गंभीर यौन संचारित संक्रमण है। पुरुष के पुरुष से संबंध बनाने वालों में इसका संक्रमण होने की संभावना अधिक होती है। डाक्टरों के अनुसार सिफलिस एक बैक्टीरियल संक्रमण है। समय से इसकी जानकारी मिलने पर बेहतर इलाज कराया जा सकता है।
