Love Marriage Ban: पंजाब की एक पंचायत ने ऐसा फैसला लिया है जो युवाओं को असमंजस में डाल सकता है। पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया है कि कोई भी युवक-युवती लव मैरिज नहीं करेंगे। यह फैसला सर्वसम्मति से पास किया गया है।

अमृतसर जिले के गांव धारीवाल में पंचायत ने लव मैरिज को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए गांव की सीमा में ऐसे विवाहों पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट किया है कि यदि गांव का कोई युवक-युवती आपसी सहमति से लव मैरिज करते हैं तो उन्हें गांव से बाहर कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, संबंधित परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और पंचायत की ओर से मिलने वाली सरकारी व सामाजिक सुविधाएं भी समाप्त कर दी जाएंगी।
पंचायत के प्रस्ताव में कहा गया है कि लव मैरिज करने वाले युवक-युवती या उनके परिवार को किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी। गांव के लोगों का तर्क है कि इससे पहले भी गांव में पांच से छह लव मैरिज के मामले सामने आ चुके हैं, जिनके बाद गांव का माहौल बिगड़ा। आपसी झगड़े, रंजिश, मारपीट और धमकियों की घटनाएं हुईं। कई मामलों में पुलिस थानों और अदालतों के चक्कर लगाने पड़े, जिससे गांव में तनाव का माहौल बना रहा।
गांव के सरपंच मुख्तार सिंह ने बताया कि पंचायत ने यह फैसला गांव के सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए लिया है। उन्होंने कहा कि अब लव मैरिज से जुड़े किसी भी मामले में न तो गांव का कोई व्यक्ति अदालत में गवाही देगा और न ही पुलिस थानों में जाकर आरोपियों की जमानत कराएगा। ऐसे मामलों में लव मैरिज करने वालों का समर्थन करने वालों पर भी पंचायत कार्रवाई करेगी और परिवार को इसके परिणाम भुगतने होंगे।
सरपंच ने यह भी कहा कि पंचायत समय-समय पर ऐसे मामलों में दोषियों को सजा देने जैसे कदम भी उठाएगी। यह निर्णय किसी एक वर्ग के दबाव में नहीं, बल्कि गांव के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। पंचायत का दावा है कि इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को भटकाव से बचाना और गांव का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखना है।
हालांकि, पंचायत के इस फैसले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे गांव की परंपराओं और सामाजिक अनुशासन से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा मामला बता रहे हैं। बावजूद इसके, फिलहाल धारीवाल पंचायत अपने फैसले पर अडिग नजर आ रही है और गांव में इसका सख्ती से पालन कराने की बात कह रही है।