
कैथल। सूबे के मुखिया के दौरे की आहट मिलते ही महीनों से सुस्त पड़ा प्रशासनिक अमला अचानक हरकत में आ गया। मुख्यमंत्री के कैथल से पंजाब जाने के कार्यक्रम के चलते पटियाला रोड को वीआईपी रूट घोषित कर दिया गया और शुक्रवार सुबह होते ही यहां पैचवर्क मशीनें दौड़ती नजर आईं। जिन सड़कों पर लंबे समय से गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बने हुए थे, वे सीएम के गुजरने से महज कुछ घंटे पहले भर दिए गए।
हालांकि यह तत्परता केवल उसी मार्ग तक सीमित रही, जहां से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरना था। शहर को जोड़ने वाली अन्य मुख्य सड़कें और अंदरूनी इलाके अब भी बदहाली की मार झेल रहे हैं। इन सड़कों पर बने गहरे गड्ढे न तो अफसरों को दिखाई दे रहे हैं और न ही महीनों से की जा रही शिकायतों का कोई असर नजर आ रहा है। नगर परिषद और पीडब्ल्यूडी के दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोग अब भी उसी सवाल के जवाब का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर आमजन की परेशानी कब सुनी जाएगी।
जर्जर सड़कों को अब भी ‘अच्छे दिनों’ का इंतजार
प्रशासन का यह चमत्कारी पैचवर्क केवल वीआईपी मूवमेंट तक सिमट कर रह गया। शहर की अन्य प्रमुख सड़कें जैसे बस स्टैंड से ढांड बायपास रोड, बस स्टैंड से जींद रोड, नागरिक अस्पताल के पास की सड़क, करनाल-कैथल स्टेट हाईवे, सेक्टर-18 की मुख्य सड़क, भगत सिंह चौक, जिला सचिवालय से ढांड रोड की ओर जाने वाला मार्ग, रेलवे रोड सहित कई रिहायशी कॉलोनियों की मुख्य सड़कें आज भी जर्जर हालत में हैं। इन सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढे न सिर्फ हादसों को न्योता दे रहे हैं, बल्कि उड़ती धूल से लोगों का रोजमर्रा का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या सड़क मरम्मत की जिम्मेदारी केवल वीआईपी रूट तक ही सीमित दिखती है।
अफसर केवल तभी जागते हैं, जब किसी वीआईपी का आगमन होता है। आम लोग रोजाना गड्ढों से भरी सड़कों पर सफर करने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। -डा. रामेश्वर फौजी नीमवाला
प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेह होने के बजाय केवल नेताओं को खुश करने में लगा हुआ है। यदि ईमानदारी से काम किया जाए तो सभी जर्जर सड़कों की मरम्मत संभव है। -प्रवेश बंसल, समाजसेवी
विभाग सड़कों का पैचवर्क करवा रहा है। जिन-जिन सड़कों पर गड्ढे हैं, वहां भी जल्द पैचवर्क पूरा कर दिया जाएगा और आमजन को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -वरुण कंसल, कार्यकारी अभियंता-लोक निर्माण विभाग