
159 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक कालका-हावड़ा ट्रेन से सुपरफास्ट का दर्जा हटा दिया जाएगा। रेलवे ने नेताजी एक्सप्रेस सहित पांच जोड़ी ट्रेनों से सुपरफास्ट का दर्जा हटाकर उन्हें एक्सप्रेस के रूप में चलाने का आदेश जारी किया है। सुपरफास्ट का दर्जा हटते ही ट्रेन का नंबर भी बदल जाएगा।
- हावड़ा–कालका – नेताजी एक्सप्रेस – 12311 – 13051
- कालका–हावड़ा – नेताजी एक्सप्रेस – 12312 – 13052
- हावड़ा–देहरादून – उपासना एक्सप्रेस – 12327 – 13035
- देहरादून–हावड़ा – उपासना एक्सप्रेस – 12328 – 13036
- हावड़ा–देहरादून – कुंभ एक्सप्रेस – 12369 – 13037
- देहरादून–हावड़ा – कुंभ एक्सप्रेस – 12370 – 13038
- हावड़ा–जम्मू तवी हिमगिरी एक्सप्रेस 12331 13041
- जम्मू तवी–हावड़ा हिमगिरी एक्सप्रेस 12332 13042
- हावड़ा–प्रयागराज रामबाग विभूति एक्सप्रेस12333 13047
- प्रयागराज रामबाग–हावड़ा विभूति एक्सप्रेस 12334 13048
1866 में भाप इंजन से हुई थी शुरुआत
नेताजी एक्सप्रेस की शुरुआत वर्ष 1866 में भाप इंजन से हुई थी। यह ट्रेन पहले कोलकाता से दिल्ली के बीच और फिर 1891 में इस ट्रेन का विस्तार कालका तक किया गया। 17 जनवरी 1941 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस गोमो से इस ट्रेन में सवार हुए थे, जब वे ब्रिटिश राज से बचने के लिए पेशावर जा रहे थे। 23 जनवरी 2021 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में इस ट्रेन का नाम बदलकर नेताजी एक्सप्रेस कर दिया गया।
ट्रेन की समय सारिणी
ट्रेन नंबर 12311 रोजाना हावड़ा रेलवे स्टेशन से रात 11:55 बजे रवाना होकर तीसरे दिन रात 12:45 बजे अंबाला कैंट और तड़के तीन बजे कालका पहुंचती है। वापसी में ट्रेन नंबर 12312 कालका से रात 11.55 बजे रवाना होकर 2:10 बजे अंबाला कैंट और तीसरे दिन सुबह 8:05 बजे हावड़ा पहुंचती है। बीच रास्ते ट्रेन दोनों दिशाओं में बर्धमान, दुर्गापुर, आसनसोल, धनबाद, गोमोह, पारसनाथ, हजारीबाग, कोडरमा, गया, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी, सासाराम, भाभुआ, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर,प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर सेंट्रल, फफोंद, इटावा, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, टूंडला, हाथरस, अलीगढ़, खुर्जा, गाजियाबाद, पुरानी दिल्ली, सब्जी मंडी, आदर्श नगर, सोनीपत, गनौर, समालखा, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला कैंट, चंडीगढ़ व चंडीमंदिर स्टेशनों पर ठहरती है।
नेताजी एक्सप्रेस का संचालन नए एलएचबी कोच के साथ हो रहा है, अब अप्रैल माह में ट्रेन से सुपरफास्ट का दर्जा हट जाएगा और इससे किराए में कमी होगी। इसके अलावा सुपरफास्ट का दर्जा हटने के बाद ट्रेन के नंबर में भी तब्दीली हो जाएगी। – नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।

