उत्तर प्रदेश में कुख्यात अपराधी बनारसी यादव के एनकाउंटर के बाद उसकी आपराधिक दुनिया से जुड़ी पूरी क्राइम कुंडली सामने आ गई है। बेहद कम उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले बनारसी यादव पर हत्या, लूट और संगीन वारदातों के कई गंभीर आरोप दर्ज थे।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बनारसी यादव ने साल 2003 में अपनी पहली चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद वह धीरे-धीरे संगठित अपराध की दुनिया में उतरता चला गया और शूटर के रूप में उसकी पहचान बनने लगी।
🔴 23 साल की उम्र में तीन हत्याएं
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बनारसी यादव महज 23 साल की उम्र तक तीन हत्याओं को अंजाम दे चुका था। इन वारदातों ने उसे पुलिस की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल करा दिया। वह सुपारी किलिंग और गैंगवार से जुड़ी कई घटनाओं में भी शामिल बताया जा रहा था।
🔴 लूट, रंगदारी और गैंग कनेक्शन
बनारसी यादव पर लूट, रंगदारी, अवैध हथियार रखने और गैंग से जुड़े मामलों में भी कई मुकदमे दर्ज थे। पुलिस का दावा है कि वह प्रदेश के कुख्यात अपराधियों के संपर्क में था और अलग-अलग जिलों में सक्रिय रहकर वारदातों को अंजाम देता था।
🔴 पुलिस एनकाउंटर में ढेर
पुलिस के अनुसार, हालिया ऑपरेशन के दौरान बनारसी यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह मारा गया। मौके से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
🔴 इलाके में दहशत का था पर्याय
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बनारसी यादव का नाम सुनते ही इलाके में दहशत फैल जाती थी। उसकी आपराधिक छवि के चलते कई लोग खुलकर शिकायत करने से भी डरते थे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बनारसी यादव का एनकाउंटर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और इससे इलाके में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की भी पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
इस एनकाउंटर को यूपी पुलिस की बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे संगठित अपराध पर करारा प्रहार माना जा रहा है।



