इंदौर की खातीपुरा बस्ती में रहने वाले लोग लगातार पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। बस्तीवाले बताते हैं कि नलों से अक्सर गंदा और मटमैला पानी आता है, जिसके कारण उन्हें रोजाना पीने का पानी खरीदना पड़ता है।

भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 32 मौतों के बाद खातीपुरा के लोग सतर्क हो गए हैं। बस्ती में ज्यादातर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार रहते हैं, जो मजबूरी में अपनी आमदनी का हिस्सा साफ पानी खरीदने पर खर्च करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे रोजाना लगभग तीस रुपये खर्च कर पानी की केन खरीदकर प्यास बुझाते हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि नलों का पानी पीने योग्य नहीं है और गंदगी के कारण कई बार बीमारियों का खतरा भी रहता है। इस समस्या के चलते लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें सुरक्षित और साफ पानी उपलब्ध कराया जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है और इसे नियंत्रित करने के लिए जल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारना बेहद जरूरी है।
खातीपुरा के इस हालात ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि प्रशासन कब तक जल सुरक्षा और साफ पानी की गारंटी दे पाएगा। लोग आशंका जता रहे हैं कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो यह क्षेत्र अगला भागीरथपुरा बन सकता है।



