सूखाग्रस्त क्षेत्र में ‘ग्राम सक्षम’ की क्रांति, ₹200 में खेत की जुताई!

Picture of Shikha Bhardwaj

Shikha Bhardwaj

SHARE:

महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों में किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। बीड जिले के धारूर तहसील के 10 सूखाग्रस्त गांवों में ‘दिलासा संस्था’ और ‘एसबीआई फाउंडेशन’ के सहयोग से शुरू किए गए ‘एसबीआई ग्राम सक्षम’ अभियान ने खेती की तस्वीर बदल दी है। इस पहल के जरिए किसानों को बेहद कम लागत में आधुनिक कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

42% India's Land Area Under Drought, Worsening Farm Distress In Election  Year

इस अभियान के तहत किसानों को खेती के लिए जरूरी मशीनरी जैसे ट्रैक्टर, जुताई मशीन, सीड ड्रिल, स्प्रे मशीन और अन्य कृषि उपकरण मात्र ₹200 जैसी नाममात्र की लागत पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे खेती की लागत में करीब 10 गुना तक कमी आई है, जिससे सूखाग्रस्त क्षेत्र के किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।

स्थानीय किसानों का कहना है कि पहले खेत की जुताई और अन्य कृषि कार्यों पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अब ‘ग्राम सक्षम’ योजना के तहत यह काम बेहद कम खर्च में हो रहा है। इससे न सिर्फ उनकी बचत बढ़ी है, बल्कि समय पर खेती भी संभव हो पाई है।

दिलासा संस्था और एसबीआई फाउंडेशन द्वारा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे आधुनिक तरीकों से खेती कर सकें और कम पानी में बेहतर उत्पादन हासिल कर सकें।

प्रशासन और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यह मॉडल अगर राज्य के अन्य सूखाग्रस्त इलाकों में लागू किया जाए, तो यह किसानों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। ‘ग्राम सक्षम’ पहल को ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj

सबसे ज्यादा पड़ गई