Haryana: विदेश जाने का सपना बन रहा युवाओं के लिए ठगी का जाल, कैथल में हर माह 5-6 युवा हो रहे शिकार

Picture of PRIYA NEWSINDIA

PRIYA NEWSINDIA

SHARE:

करीब एक वर्ष पहले तक युवाओं में अमेरिका जाने का जबरदस्त क्रेज था, लेकिन अमेरिका से भारतीयों के डिपोर्ट होने के बाद अब युवाओं का रुझान अन्य देशों की ओर बढ़ा है। बेहतर कमाई और अच्छे जीवन की चाह में युवा अपने भविष्य के सपने संजोकर किसी भी तरह विदेश पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
dream going abroad becoming trap for young people, youths falling victim to fraud every month in Kaithal

अमेरिका के बाद अब ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा जाने का सपना युवाओं पर भारी पड़ रहा है। कम समय और कम पैसों में विदेश भेजने का झांसा देकर एजेंट युवाओं से लाखों-करोड़ों रुपये ठग रहे हैं। हालात यह हैं कि हर महीने औसतन पांच से छह युवा एजेंटों की ठगी का शिकार हो रहे हैं। पिछले छह महीनों में जिले के युवा करीब चार करोड़ रुपये गंवा चुके हैं।

अगस्त महीने से अब तक अमेरिका को छोड़कर अन्य देशों में भेजने के नाम पर करीब 25 युवा ठगी का शिकार हो चुके हैं। थानों में पीड़ित प्राथमिकी दर्ज करवा रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके एजेंट ठगी की रकम वापस नहीं लौटा रहे। बिना पंजीकरण चल रहे ये एजेंट कम समय में विदेश भेजने और कम खर्च का लालच देकर युवाओं को फंसा लेते हैं।

फिलहाल अधिकतर मामलों में युवाओं को नकली टिकट और फर्जी वीजा थमाकर उनसे रुपये वसूले जा रहे हैं। कई युवाओं को सिंगापुर, बैंकॉक, मलेशिया, इंडोनेशिया और स्पेन तक भेज दिया जाता है, जहां 15 दिन से दो महीने तक भटकने के बाद वे मायूस होकर खाली हाथ भारत लौटने को मजबूर हो रहे हैं। कई मामलों में एजेंट युवाओं के पासपोर्ट और अन्य कागजात भी अपने पास रख लेते हैं। रुपये वापस मांगने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकियां तक दी जा रही हैं।

करीब एक वर्ष पहले तक युवाओं में अमेरिका जाने का जबरदस्त क्रेज था, लेकिन अमेरिका से भारतीयों के डिपोर्ट होने के बाद अब युवाओं का रुझान अन्य देशों की ओर बढ़ा है। बेहतर कमाई और अच्छे जीवन की चाह में युवा अपने भविष्य के सपने संजोकर किसी भी तरह विदेश पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। इसका फायदा उठाकर कैथल में विदेश भेजने के नाम पर करीब 100 से अधिक सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिनमें से कोई भी अधिकृत नहीं है। आरोप है कि पुलिस प्रशासन की ओर से इन सेंटरों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। 

मामला-1 : मलेशिया में भूखा-प्यासा रखा

अग्रवाल धर्मशाला निवासी गुरदयाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया जाना चाहता था। आरोपियों ने उसे बैंकॉक और मलेशिया भेज दिया, जहां उसे भूखा-प्यासा रखा गया और उसके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने उससे 32 लाख 30 हजार रुपये ठग लिए हैं और रकम वापस देने से इनकार कर रहे हैं।

नकली वीजा थमा दिया : मंजीत

राजौंद निवासी मंजीत ने बताया कि वह इंग्लैंड जाना चाहता था। आरोपियों ने उसे नकली वीजा थमा दिया, जिसके चलते एयरपोर्ट से ही उसे वापस लौटना पड़ा। आरोपियों ने उससे 40 लाख रुपये लिए थे। रुपये वापस मांगने पर आरोपी फोन बंद कर लेते हैं। मंजीत ने बताया कि उसने डेढ़ एकड़ जमीन बेचकर यह रकम दी थी।

मां के गहने बेचकर दिए रुपये

सीवन क्षेत्र के एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह कनाडा जाना चाहता था। एजेंट ने उससे 14 लाख 50 हजार रुपये लेकर नकली वीजा थमा दिया। कुछ दिन पहले उसने पुलिस को शिकायत दी है। उसने बताया कि मां के गहने बेचकर यह रकम जुटाई गई थी।

ये भी पुलिस के पास आईं शिकायतें

  • 11 जनवरी को दी शिकायत के अनुसार कबड्डी खिलाड़ी आर्यन से ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिलवाने के नाम पर 3 लाख 75 हजार रुपये ठग लिए गए।
  • एक जनवरी को दी शिकायत में सोहनलाल को ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर 11 लाख रुपये ठगे गए।
  • गांव सैर निवासी गुरदेव सिंह ने आठ दिसंबर को दी शिकायत में बताया कि ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर उससे 14 लाख रुपये ठग लिए गए और जान से मारने की धमकी दी गई।
  • सात सितंबर की शिकायत के अनुसार मालखेड़ी निवासी राहुल से इंग्लैंड भेजने के नाम पर 12 लाख रुपये ठग लिए गए।

ये आरोपी पुलिस ने पकड़े

  • 30 जनवरी को पुलिस ने तेहरान में दो युवकों को बंधक बनाकर 35 लाख रुपये ठगने के मामले में जालंधर (पंजाब) निवासी हरीश को गिरफ्तार किया। आरोपी ने ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा दिया था।
  • आठ जनवरी को विदेश भेजने के नाम पर 3 लाख 37 हजार रुपये ठगने वाले कुरुक्षेत्र के बारणा निवासी सुनील को गिरफ्तार किया गया।
  • चार दिसंबर को पुलिस ने न्यूजीलैंड भेजने का झांसा देकर ठगी करने वाली महिला आरती संधू को गिरफ्तार किया। आरोपी ने फरल निवासी युवक इकबाल सिंह से ठगी की थी।

अधिकारी के अनुसार

विदेश भेजने के नाम पर किसी भी एजेंट या व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। यदि कोई संदिग्ध मामला सामने आता है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। किसी के बहकावे में आकर रुपये न दें। -वीरभान, डीएसपी, कैथल।

PRIYA NEWSINDIA
Author: PRIYA NEWSINDIA

सबसे ज्यादा पड़ गई