Punjab: न किसी को मारा, न कोई अपराध किया; फिर भी ढाई साल जेल में काटे, पंजाब का युवक कैसे पहुंचा पाकिस्तान?

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पाकिस्तान की जेल से रिहा किए सात भारतीय नागरिक शनिवार देर रात अटारी-वाघा सीमा के रास्ते सुरक्षित भारत लौट आए। अपने देश में पहुंचते ही परिजनों से मुलाकात के दौरान सभी भावुक हो गए।

Young man from Jagraon was swept away by Sutlej River and ended up in Pakistan

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने दो दिन पहले सात भारतीय नागरिकों को रिहा किया है। इनमें छह लोग पंजाब के हैं और एक उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पाकिस्तान की जेल से रिहा किए सात भारतीय नागरिक शनिवार देर रात अटारी-वाघा सीमा के रास्ते भारत लौट आए। सीमा पर पहुंचते ही परिजनों से मुलाकात के दौरान सभी भावुक हो गए। कईयों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। पाकिस्तान की ओर से रिहा किए गए सात नागरिकों में तीन फिरोजपुर जिले से, एक जालंधर, दो लुधियाना और एक उत्तर प्रदेश का निवासी शामिल है। इनमें एक युवक ऐसा भी है, जिसने बिना वजह ढाई साल पाकिस्तान की जेल में गुजारे।

लुधियाना के सिधवां बेट के गांव परजियां बिहारीपुर का रहने वाला हरविंदर सिंह ढाई साल बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर भारत लौट आया है। उसे 31 जनवरी 2026 की रात वाघा बॉर्डर पर भारतीय अधिकारियों को सौंपा गया और 1 फरवरी को वह अपने घर पहुंचा। युवक ने कोई अपराध नहीं किया था, बल्कि वह बाढ़ के पानी में बहकर पाकिस्तान पहुंच गया था।

हरविंदर सिंह गांव परजियां बिहारीपुर का निवासी है। वह जुलाई 2023 में आई भीषण बाढ़ के दौरान सतलुज दरिया में बहकर गलती से पाकिस्तान पहुंच गया था। वह अपने रिश्तेदारों की मदद के लिए फिरोजपुर के हुसैनीवाला क्षेत्र में गया था जब अचानक बाढ़ की चपेट में आ गया और पाकिस्तान पहुंच गया। पाकिस्तान में उसे पाक रेंजर्स ने गिरफ्तार कर लिया। कई महीनों तक उसकी परिजनों को कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच बातचीत के बाद उसे पाकिस्तान की जेल में सजा काटनी पड़ी। 31 जनवरी 2026 को, हरविंदर को वाघा बॉर्डर पर भारतीय अधिकारियों के हवाले कर दिया गया। 01 फरवरी को वह अपने परिवार से मिलकर घर वापस लौटा। गांव में उसका स्वागत करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

एक साल की थी कैद, काटने पड़े ढाई साल

रिहा होकर लौटे नागरिकों ने बताया कि पाकिस्तान की अदालत ने उन्हें एक वर्ष की सजा सुनाई थी लेकिन विभिन्न प्रक्रियाओं के कारण उन्हें करीब ढाई वर्ष तक जेल में रहना पड़ा। उन्होंने हिरासत के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना किया।

शनिवार को पाकिस्तान रेंजर्स ने सातों भारतीय नागरिकों को अटारी-वाघा सीमा पर बीएसएफ के हवाले किया। इसके बाद कस्टम, इमिग्रेशन और मेडिकल जांच की औपचारिकताएं पूरी की गईं। सभी नागरिकों को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल ले जाया गया। रिहा हुए भारतीयों में चंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, हरिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, विशाल, सुनील अड़े और जोगिंदर शामिल हैं।

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Author: NIMRA SALEEM

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