विमान हादसे में एनसीपी प्रमुख और पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के महज तीन दिन बाद सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम पद की शपथ को लेकर सियासत तेज हो गई है। एनसीपी विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को नेता चुने जाने के बाद शनिवार शाम उनके शपथ ग्रहण पर अब महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और शिंदे गुट के नेता संजय शिरसाट ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

छत्रपति संभाजीनगर में मीडिया से बात करते हुए संजय शिरसाट ने कहा कि इतनी जल्द शपथ ग्रहण कार्यक्रम होना आम लोगों को पसंद नहीं आ रहा है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि कुर्सी इंसान से ज्यादा जरूरी है। मंत्री ने यह भी कहा कि शपथ ग्रहण कुछ दिन बाद भी हो सकता था और मौजूदा जल्दबाजी एनसीपी की अंदरूनी राजनीति का नतीजा लगती है।
शिरसाट ने आगे कहा कि अजित पवार के निधन के बाद बदले राजनीतिक हालात में एनसीपी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) के संभावित विलय में भी समय लग सकता है। उन्होंने संकेत दिए कि अब यह फैसला सामूहिक रूप से होगा और इसमें लंबी प्रक्रिया शामिल हो सकती है।
वहीं शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि सुनेत्रा पवार का डिप्टी सीएम बनना एनसीपी का अंदरूनी फैसला है और इसे लेकर बेवजह विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अजित पवार की जगह को जल्दी भरने के पार्टी फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।