साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद फैली सनसनी के बीच उनकी मौत अब एक संवेदनशील जांच का विषय बन गई है। इलाज के दौरान हुई मृत्यु के बाद अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं।

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनकी मृत्यु का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस हत्या, आत्महत्या अथवा अन्य संभावित कारणों के सभी पहलुओं से जांच कर रही है। मेडिकल बोर्ड द्वारा कराए गए पोस्टमार्टम के बाद अब रिपोर्ट के सार्वजनिक होने का इंतजार है।
घटना की जानकारी मिलते ही आश्रम के बाहर और एमजीएच मोर्चरी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र हो गए। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की और बिना पोस्टमार्टम शव ले जाने पर नाराजगी भी जताई। बुधवार रात बिना पोस्टमार्टम शव आश्रम लाने की सूचना पर पुलिस ने समझाइश कर शव को दोबारा मोर्चरी भिजवाया।
पुलिस ने आश्रम परिसर को सील कर दिया है और साध्वी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, हालांकि वह स्विच ऑफ मिला। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मौत के तीन-चार घंटे बाद साध्वी की सोशल मीडिया आईडी से उनकी मृत्यु की जानकारी किसने पोस्ट की।
गृह राज्यमंत्री बोले
इस पूरे घटनाक्रम पर गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। परिवार गलत इंजेक्शन से मौत की बात कर रहा है, अस्पताल का कहना है कि उन्हें ब्रॉट डेड हालत में लाया गया था और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें फैल रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और सच्चाई सामने लाई जाएगी।
गृह राज्य मंत्री ने साध्वी प्रेम बाईसा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे सनातन संस्कृति की अच्छी प्रचारक और कथा वाचक थीं तथा समाज में उनकी गहरी श्रद्धा थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी।




