मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि फरवरी 2025 में सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) के लॉन्च होने के बाद से पंजाब में सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है।

पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में फरवरी 2025 के बाद से 48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसका श्रेय राज्य सरकार की विशेष पहल ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (SSF) (एसएसएफ) को दिया है। जिसे सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
शीघ्र इलाज और बेहतर ट्रॉमा रिस्पॉन्स से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब कभी सड़क हादसों में मौतों के मामले में देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल था, लेकिन अब स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। हादसों के बाद घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाना, बेहतर ट्रॉमा केयर और दुर्घटना संभावित इलाकों में केंद्रित पेट्रोलिंग ने इस गिरावट में अहम भूमिका निभाई है।

भगवंत मान ने पटियाला-सिरहिंद रोड का उदाहरण देते हुए कहा कि जो सड़क कभी ‘किलर रोड’ के नाम से बदनाम थी, वहां अब हालात काफी सुधर चुके हैं। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर भी अहम कारण रहा है। राज्य में करीब 43,000 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन से भी हादसों में कमी आई है।
SSF की तैनाती और आधुनिक संसाधन
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सड़क सुरक्षा फोर्स में 1,597 विशेष रूप से प्रशिक्षित जवान शामिल हैं, जिन्हें 144 आधुनिक वाहनों से लैस किया गया है। यह फोर्स राज्य के 4,200 किलोमीटर संवेदनशील हाईवे हिस्सों पर तैनात है। एसएसएफ न सिर्फ दुर्घटनाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देती है, बल्कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने और घायलों की मदद, यहां तक कि उनके सामान की सुरक्षा का भी काम करती है।
भगवंत मान ने दावा किया कि पंजाब का यह रोड सेफ्टी मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन रहा है। उन्होंने कहा कि कई राज्य इस व्यवस्था को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।
नीति और जमीन पर अमल का फर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में सड़क सुरक्षा पर चर्चा की है। वहीं पंजाब सरकार ने इसे जमीन पर उतारकर एक व्यावहारिक ढांचा खड़ा किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने सड़क सुरक्षा को नजरअंदाज किया। जबकि लगातार और ठोस हस्तक्षेप से ही हादसों में मौतों को कम किया जा सकता है।

पंजाब में सड़क सुरक्षा फोर्स के गठन और सुनियोजित हस्तक्षेप से सड़क हादसों में मौतों में उल्लेखनीय गिरावट आई है। यह दिखाता है कि अगर नीति, संसाधन और अमल एक साथ हों, तो सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर भी ठोस नतीजे हासिल किए जा सकते हैं।