मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में नोएडा जैसी ही एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां नगर निगम की लापरवाही एक युवक की जान ले गई। खुले नाले में ई-रिक्शा गिरने से सनी नामक युवक की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और वह करीब आधे घंटे तक नाले में फंसा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सनी लगातार मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन समय पर रेस्क्यू न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा देर शाम उस वक्त हुआ जब सनी ई-रिक्शा से जा रहा था। सड़क किनारे बना नाला खुला हुआ था, जिस पर न तो ढक्कन था और न ही कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग। अंधेरे और खराब सड़क की वजह से ई-रिक्शा संतुलन खो बैठा और सीधे नाले में जा गिरा। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोग इकट्ठा तो हुए, लेकिन नाले की गहराई और पानी के तेज बहाव के कारण तत्काल मदद नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस और नगर निगम की टीमें मौके पर देर से पहुंचीं। जब तक रेस्क्यू शुरू किया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। बाद में शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद इलाके में गुस्सा फैल गया और लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि अगर नाले को ढका गया होता या समय पर मदद मिल जाती, तो सनी की जान बच सकती थी। यह हादसा एक बार फिर शहर में खुले नालों और खराब बुनियादी ढांचे की पोल खोलता है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है, वहीं नगर निगम की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शहर में खुले नालों को तुरंत ढकने की मांग कर रहे हैं।

