इंदौर: इंदौर के आसमान में एक बार फिर ‘सफेद शिकारी’ की दहाड़ सुनाई दी है। करीब 9 साल के लंबे इंतजार के बाद ‘आकाश के रक्षक’ की वापसी ने न सिर्फ वायुसेना प्रेमियों, बल्कि आम लोगों में भी उत्साह भर दिया है। जैसे ही सफेद रंग का यह शक्तिशाली विमान आसमान में नजर आया, लोगों की निगाहें थम सी गईं।

जानकारी के अनुसार, यह ‘सफेद शिकारी’ दरअसल भारतीय वायुसेना का विशेष और अत्याधुनिक विमान है, जिसे उसकी तेज रफ्तार, सटीक संचालन और रणनीतिक क्षमता के लिए जाना जाता है। वर्ष 2016 के बाद यह पहली बार इंदौर के एयरस्पेस में सक्रिय रूप से देखा गया है। इसकी वापसी को सामरिक और प्रशिक्षण अभ्यासों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
वायुसेना सूत्रों के मुताबिक, इंदौर क्षेत्र में यह उड़ान नियमित अभ्यास और तकनीकी परीक्षण का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पायलटों की युद्धक तैयारी, एयरस्पेस निगरानी और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखना है। ‘आकाश के रक्षक’ की मौजूदगी से क्षेत्र की हवाई सुरक्षा और मजबूत हुई है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह और दोपहर के समय आसमान में इसकी तेज आवाज और शानदार उड़ान ने सबका ध्यान खींचा। कई लोगों ने इसे अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया और सोशल मीडिया पर तस्वीरें व वीडियो वायरल होने लगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि 9 साल बाद इस विमान की वापसी यह संकेत देती है कि इंदौर सामरिक दृष्टि से एक बार फिर वायुसेना की महत्वपूर्ण गतिविधियों का केंद्र बन रहा है। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवाओं में वायुसेना के प्रति आकर्षण भी बढ़ेगा।
‘सफेद शिकारी’ की यह वापसी इंदौर के लिए गर्व का विषय है और यह संदेश देती है कि देश की सुरक्षा के लिए ‘आकाश के रक्षक’ हर समय सतर्क और तैयार हैं।


