कल्याण/मुंबई न्यूज़ डेस्क: मुंबई के कल्याण रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब खुद को रेलवे विजिलेंस इंस्पेक्टर बताने वाला एक फर्जी व्यक्ति रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को डराकर उनसे अवैध वसूली कर रहा था। कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।


जानकारी के अनुसार, आरोपी रेलवे स्टेशन परिसर में खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर लोगों को नियम उल्लंघन का डर दिखाता था और कार्रवाई से बचाने के नाम पर पैसे ऐंठता था। एक पीड़ित ने जब इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की, तो पूरे मामले की सच्चाई सामने आई।
शिकायत के आधार पर पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी एक व्यक्ति से 20 हजार रुपये की रिश्वत ले रहा था, टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी कोई भी वैध पहचान पत्र या नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी का रेलवे विभाग से कोई लेना-देना नहीं है और वह लंबे समय से इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी पहचान पत्र, नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है।
आरोपी के खिलाफ ठगी, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और क्या इस गिरोह में कोई और भी शामिल है।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने यात्रियों और कर्मचारियों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति खुद को विजिलेंस या रेलवे अधिकारी बताकर पैसे की मांग करे, तो उसकी पहचान पत्र की जांच जरूर करें और तुरंत रेलवे पुलिस या जीआरपी को सूचना दें।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऐसे फर्जी तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा, ताकि यात्रियों की सुरक्षा और विश्वास बना रहे।