दावोस: महाराष्ट्र ने किए 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते, 40 लाख लोगों को रोजगार का टारगेट

Picture of Shikha Bhardwaj

Shikha Bhardwaj

SHARE:

दावोस/मुंबई न्यूज़ डेस्क: स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में महाराष्ट्र ने निवेश के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार ने वैश्विक निवेशकों के साथ करीब 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते (MoUs) किए हैं। इन निवेशों के जरिए आने वाले वर्षों में राज्य में लगभग 40 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का लक्ष्य रखा गया है।

Davos Deals:एमएमआरडीए ने हासिल किया $96 अरब का निवेश, 'मुंबई' के कायाकल्प  के लिए 10 समझौतों पर लगी मुहर - Davos Deals: Mmrda Secures $96 Billion In  Investment, 10 Agreements Sealed For

राज्य सरकार के अनुसार, ये निवेश समझौते मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, आईटी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और फार्मा सेक्टर जैसे अहम क्षेत्रों में किए गए हैं। इन प्रोजेक्ट्स से न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री और उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दावोस में वैश्विक उद्योगपतियों और कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर महाराष्ट्र को निवेश के लिए अनुकूल राज्य बताया। सरकार ने निवेशकों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन और उद्योग-हितैषी नीतियों का भरोसा दिलाया।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इन निवेशों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। खासतौर पर युवाओं के लिए तकनीकी और स्किल-आधारित नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे। इसके अलावा MSME सेक्टर को भी इन बड़े प्रोजेक्ट्स से सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निवेश समझौतों को जमीन पर उतारने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा, ताकि प्रोजेक्ट्स तय समय पर पूरे हों और रोजगार सृजन का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि दावोस में हुए ये समझौते महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा निवेश केंद्र बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही भारत की वैश्विक आर्थिक छवि को भी मजबूती मिलेगी।

Shikha Bhardwaj
Author: Shikha Bhardwaj