पंजाब के मोगा में एक दुकानदार ने अपने ही जानकार के साथ ऐसा खेल खेला कि जानकर हर कोई हैरान है। दरअसर दुकानदार का 11 लाख रुपयों के लिए ईमान डोल गया। उसने रुपयों की जगह बैग में मूंगफली और रेवड़ियां भेज दी।

मोगा के कोटकपूरा बाईपास इलाके में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भरोसे और धोखे की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई है, जिससे पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। जयपुर रुपये भेजने के नाम पर एक दुकानदार ने अपने ही परिचित से 11 लाख रुपये की ठगी कर डाली। जब जयपुर में बैग खोला गया, तो उसमें नोटों की जगह मूंगफली- रेवड़ियां (गाचक) और रद्दी भरी हुई थी।
थाना सिटी वन के सब-इंस्पेक्टर मंगल सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता भंवर सिंह निवासी मोगा, पिछले करीब 20 वर्षों से जयपुर में पत्ती फैक्टरी का काम करते हैं। इसी सिलसिले में उनकी पहचान कोटकपूरा बाईपास स्थित दुकानदार सुरेश कुमार से हुई थी। भंवर सिंह को 9 जनवरी को जयपुर 11 लाख रुपये भेजने थे। इस पर दुकानदार सुरेश कुमार ने भरोसा दिलाया कि उसकी राजस्थान जाने वाली बसों के कंडक्टरों से अच्छी जान-पहचान है और वह सुरक्षित तरीके से रुपये जयपुर पहुंचा देगा।
शिकायतकर्ता ने अपने कर्मचारी गौतम के माध्यम से 11 लाख रुपये सुरेश की दुकान पर पहुंचाए। सुरेश ने रुपये लाल रंग के एक बैग में पैक किए और कुरियर चार्ज के नाम पर 1100 भी वसूले। जब जयपुर में भंवर सिंह के भांजे ने बैग रिसीव कर खोला, तो उसके होश उड़ गए। बैग का रंग लाल से सफेद हो चुका था और अंदर नोटों की गड्डियों की जगह मूंगफली की रेवड़ियां (गाचक) और रद्दी भरी हुई थी। पीड़ित भंवर सिंह ने जब सुरेश से इस बारे पूछा तो वह पहले अनजान बनने का नाटक करता रहा। जब दुकान के सीसीटीवी कैमरे चेक करने की बात कही गई तो आरोपी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि कैमरे खराब पड़े हैं, जबकि पीड़ित का दावा है कि जब उसने रुपये सुरेश के पास पहुंचाए थे उस दिन तक कैमरे पूरी तरह से काम कर रहे थे।
भंवर सिंह ने बस सर्विस के मैनेजर और कंडक्टर से संपर्क किया। कंडक्टर ने बताया कि उसे सुरेश कुमार ने सफेद रंग का पार्सल दिया था, जबकि भंवर सिंह ने लाल रंग के बैग में रुपये दिए थे। इससे साफ हो गया कि दुकान के अंदर ही बैग बदलकर ठगी की गई। पुलिस ने आरोपी दुकानदार सुरेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।