Reported By: Shamim Iqbal
टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की 1997 में हुई हत्या के मुख्य दोषी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी अब्दुल रऊफ मर्चेंट की आज सुबह महाराष्ट्र की हरसुल सेंट्रल जेल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई.


अंतिम क्षणों का विवरण: जेल सूत्रों के अनुसार, मर्चेंट सुबह की नमाज अदा कर रहा था, उसी दौरान उसने सीने में तेज दर्द की शिकायत की. जेल प्रशासन ने उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया. डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसकी मृत्यु का कारण हार्ट अटैक (दिल का दौरा) बताया है.


अपराध और सजा का इतिहास:
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मुख्य शूटर: अब्दुल रऊफ मर्चेंट को 1997 में संगीत मुगल गुलशन कुमार पर गोलियां बरसाने वाले मुख्य शूटर के रूप में पहचाना गया था.
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दोषसिद्धि: साल 2002 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने उसे हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.
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फरारी: 2009 में वह पैरोल पर बाहर आने के बाद बांग्लादेश भाग गया था, जिसके बाद उसे वापस भारत प्रत्यर्पित किया गया और फिर से सलाखों के पीछे भेजा गया.
एक काले अध्याय का अंत: कानून की पकड़ से बचने की तमाम कोशिशों के बावजूद, रऊफ ने अपनी सजा का अंतिम समय जेल में ही बिताया। उसकी मौत के साथ ही बॉलीवुड के उस सबसे भयावह दौर के एक प्रमुख किरदार का अंत हो गया है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। प्रशासन ने अब उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।