विधानसभा क्षेत्र रेणुका जी में ददाहू, हरिपुरधार, नौहराधार सहित अन्य क्षेत्र आते हैं। नाहन से नौहराधार क्षेत्र की दूरी 100 किलोमीटर के करीब है।

रेणुका जी में लाखों लोगों की आग जैसी घटनाओं से बचाने की जिम्मेवारी नाहन और सोलन पर है। यहां न तो कोई फायर स्टेशन है और न ही चौकी। यहां यदि आग लगने की घटना हो भी जाए तो जब तक नाहन या सोलन से दमकल दस्ते पहुंचते हैं तब तक सब स्वाह हो जाता है। विधानसभा क्षेत्र रेणुका जी में ददाहू, हरिपुरधार, नौहराधार सहित अन्य क्षेत्र आते हैं। नाहन से नौहराधार क्षेत्र की दूरी 100 किलोमीटर के करीब है। इसके अलावा आसपास के गांव भी यहां हैं। इन क्षेत्रों में लोगों ने सर्दी से बचने के लिए अधिकतर मकान लकड़ी के हैं। इसके चलते मकानों में आग जल्दी फैलती है। हर साल जिला के उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में आग लगने की घटना सामने आती है।
जिले में मात्र दो अग्निशमन केंद्र
जिले में नाहन और पांवटा साहिब में ही अग्निशमन केंद्र हैं। इसके अलावा शिलाई में अग्निशमन उपकेंद्र और कालाअंब में अग्निशमन चौकी है। सरकार ने राजगढ़ में अग्निशमन केंद्र खोलने को लेकर बजट में घोषणा की है। पूरे जिला का भार इन केंद्रों पर ही है। जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से दो में आग पर काबू पाने के लिए कोई भी सुविधा नहीं है। सराहां, राजगढ़, नैनाटिक्कर, नारग, पझौता, रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र के संगड़ाह, हरिपुरधार, नौहराधार, रेणुका जी, ददाहू सहित अन्य क्षेत्रों में यदि आग लगती है तो यहां अन्य क्षेत्रों से दमकल दस्ते पहुंचते हैं।
गैस सिलिंडर का इस्तेमाल करते ये सावधानियां बरतें
हिमाचल प्रदेश के राज्य अग्नि निवारण अधिकारी नितिन धीमान ने कहा कि राज्य में सर्दियों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं। पुराने वक्त में चूल्हे और तरह से बनाए जाते थे। उनसे आग की घटनाएं भी कम होती थीं और अब बाजार से जिस तरह के चूल्हे लाए जा रहे हैं, जिन्हें बुखारी बोलते हैं। वे ज्यादा आग पकड़ रहे हैं। आग स्टील के चूल्हों से ज्यादा लगती है। गैस सिलिंडर को ब्लैक में नहीं लिया जाना चाहिए। सिलिंडर का इस्तेमाल करते वक्त पूरी सावधानियां बरतें। जैसे ही आग लगे, तुरंत 100 नंबर और 102 पर फोन करें, जिससे अग्निशमन अधिकारियों की मदद ली जा सके। खुद भी बुझाएं, मगर तकनीकी सहायता लेकर जल्दी काबू पाया जा सकता है।
Author: planetnewsindia
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