महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर जारी बयानबाज़ी के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत पर जोरदार हमला बोला है। दुबे ने राउत की तुलना पौराणिक पात्रों से करते हुए कहा कि वह “नारद मुनि और मंथरा का मिला-जुला रूप” हैं, जिनका काम केवल भ्रम फैलाना और राजनीतिक माहौल में ज़हर घोलना है। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में नया विवाद खड़ा हो गया है।

निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि संजय राउत लगातार तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हैं और बिना आधार के केंद्र सरकार व भाजपा नेताओं पर आरोप लगाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि राउत की राजनीति नकारात्मकता पर टिकी हुई है और वह महाराष्ट्र के विकास से ज्यादा व्यक्तिगत एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगे रहते हैं। दुबे के मुताबिक, इस तरह की बयानबाज़ी से न तो लोकतंत्र मजबूत होता है और न ही जनता का भला होता है।
भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की जनता अब सच समझ चुकी है और भ्रम की राजनीति ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है। उन्होंने राउत को चुनौती दी कि यदि उनके पास कोई ठोस प्रमाण हैं तो सार्वजनिक रूप से पेश करें, अन्यथा बेबुनियाद आरोप लगाना बंद करें। दुबे के इस हमले को शिवसेना और भाजपा के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) की ओर से इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रही है। महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का यह दौर आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रहा है, खासकर जब राज्य में चुनावी माहौल बनना शुरू हो गया है।