पंजाब में कड़ाके की ठंड: 0.9 डिग्री पर पहुंचा पारा, बारिश का अलर्ट जारी; वायु प्रदूषण भी खराब श्रेणी में

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मौसम विभाग ने रविवार से दो दिन पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद दो दिन मौसम शुष्क रहेगा लेकिन 22 जनवरी से फिर से बारिश की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है और घने कोहरे का प्रभाव जारी रहेगा।

Punjab Weather Update today rain alert

पंजाब में शीतलहर से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। शुक्रवार को पारा गिरकर 0.9 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार अमृतसर में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री, गुरदासपुर 2.7 डिग्री, होशियारपुर 3.0 डिग्री और बठिंडा 3.0 डिग्री दर्ज किया गया।

एसबीएस नगर 0.9 डिग्री के साथ राज्य का सबसे ठंडा शहर रहा। लुधियाना, पटियाला व बठिंडा का न्यूनतम पारा सामान्य से नीचे रहा।अमृतसर में घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य रही। लुधियाना, फरीदकोट और एसबीएस नगर में दृश्यता केवल 20 मीटर, बठिंडा में 30 मीटर और पटियाला में 40 मीटर दर्ज की गई। कोहरे के कारण सड़क और हवाई यातायात पर असर पड़ने की संभावना है।

मौसम विभाग ने रविवार से दो दिन पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद दो दिन मौसम शुष्क रहेगा लेकिन 22 जनवरी से फिर से बारिश की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है और घने कोहरे का प्रभाव जारी रहेगा। राज्य का अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहा। मानसा में सबसे अधिक 20.9 डिग्री, अमृतसर 13.9, लुधियाना 17.4, पटियाला 17.7, पठानकोट 18.6, फरीदकोट 17.0, होशियारपुर 15.2 और रूपनगर 17.7 डिग्री दर्ज किया गया।

मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई खराब श्रेणी में

पंजाब में कड़ाके की ठंड के बीच वायु प्रदूषण का स्तर भी चिंताजनक बना हुआ है। शुक्रवार को मंडी गोबिंदगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 241 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। वहीं, पांच शहरों का एक्यूआई येलो जोन में दर्ज हुआ। पटियाला 132, खन्ना 129, जालंधर 123, लुधियाना 106 और अमृतसर 102 पर आया।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य में बारिश की कमी व प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण है। 1 जनवरी से अब तक सामान्य के मुकाबले पंजाब में 83 प्रतिशत कम बारिश हुई है। सामान्य 8.7 मिमी के मुकाबले केवल 1.5 मिमी बारिश दर्ज हुई, जबकि दिसंबर महीना पूरी तरह सूखा रहा। बारिश की कमी के कारण हवा में धूल के कण जमीन के करीब बने रहते हैं और हवा में फैल नहीं पाते। वहीं, घना कोहरा इन धूल कणों को और जमाता है, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह का उच्च एक्यूआई खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय रोगियों के लिए खतरनाक है। उन्होंने सलाह दी है कि इस दौरान लोग घर से निकलते समय मास्क पहनें और बाहरी गतिविधियों को सीमित करें।

 

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Author: NIMRA SALEEM

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